Digvijaya Singh letter to PM Modi: मध्य प्रदेश में उजागर हुए परिवहन घोटाले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस भाजपा सरकार पर हमलावर है, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कांग्रेस के सभी नेता मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग कर रहे हैं, अब पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इसकी निष्पक्ष जाँच की मांग की है।
दिग्विजय सिंह ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के इतिहास का ये अब तक का भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा मामला है। उन्होंने कहा जंगल में खड़ी एक कार से 52 किलो सोना, 200 किलो चांदी , 11 करोड़ रुपये कैश मिलना बताता है कि ये मामला कितना बड़ा है, उन्होंने कहा अब सामने आ रहा है कि किस तरह परिवहन विभाग में चेक पोस्ट की नीलामी होती थी।
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आयकर विभाग बीच में नहीं आता तो शायद ये ओपन नहीं होता
उन्होंने कहा एक सिपाही सौरभ शर्मा के पास इतनी संपत्ति कैसे हो सकती है, ये किसकी है इसकी जाँच होनी चाहिए, उन्होंने कहा कि मेरा पास जो सूचनाएं हैं उसके मुताबिक पुलिस ने तो इसे दबाने का पूरा प्रयास किया था, यदि लोकायुक्त और पुलिस के बीच आयकर विभाग नहीं होता तो शायद ये घोटाला भी सामने नहीं आता।
पूर्व परिवहन मंत्री का नाम लेकर लगाये गंभीर आरोप
दिग्विजय सिंह ने दावा करते हुए कहा जब कमलनाथ की सरकार बनी थी तब उनपर इतना दबाव था कि परिवहन विभाग एक व्यक्ति विशेष को दिया जाये, पूर्व परिवहन मंत्री का नाम लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि जैसे ही सरकार गिरी और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने उस विधायक को परिवहन विभाग दे दिया गया।
दिग्विजय सिंह ने PM Modi को लिखा पत्र
दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्र लिखकर कहा कि मध्य प्रदेश का ये भ्रष्टाचार आपके “ना खाऊंगा ना खाने दूंगा” वादे के खिलाफ है इसमें जो पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा का नाम आया है वो तो छोटी मछली है करोड़ों की संपत्ति अकी उसकी नहीं हो सकती जो जो लोग इसमें शामिल हैं उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाकर एक्शन होना चाहिए, दिग्विजय सिंह ने मामले की जाँच हाईकोर्ट के जज से कराने की भी मांग की।