
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात अर्नब के प्रभाव से गुरुवार को भी मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बादल छाए रहेंगे और मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को 3 जिलों में ऑरेंज और 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों में बिजली चमकने के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, आज मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही रीवा, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, पांढुर्णा में झंझावात और वज्रपात के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक,चक्रवाती तूफान “अर्नब” के शाम तक उत्तर की ओर बढ़ते रहने तथा कमजोर होकर सुस्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है, इसके असर से 30-31 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। हालांकि तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की स्थिति 1 नवंबर तक बनी रह सकती है।
बीते दिन यानि बुधवार को शाजापुर के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी, धार, आगर-मालवा ,नीमच और छतरपुर के नौगांव में 15-16 डिग्री सेल्सियस रहा। खजुराहो, खंडवा, रतलाम, खरगोन और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
30-31 अक्टूबर को भी बारिश-हवा का असर
ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में झंझावात और वज्रपात के साथ झोंकेदार हवाएं 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती है। 1 नवंबर को अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में मौसम बदला रहेगा।
इस साल सामान्य से 1.5 इंच कम हुई बारिश
इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर 2026 यानि 100 दिन मध्य प्रदेश में सक्रिय रहा। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है लेकिन इस अवधि में 35.8 इंच (95.9%) बारिश हुई। इन आंकड़ों के हिसाब से इस साल प्रदेश में करीब 4% यानि 1.5 इंच बारिश कम हुई। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया लेकिन 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई।



