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भागीरथपुरा दूषित पानी मामले की जांच करेगी राज्य स्तरीय समिति, एक महीने में सौंपेगी रिपोर्ट, तय होगी जिम्मेदारों की जवाबदेही

Written by:Atul Saxena
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शासन के निर्णय के मुताबिक ये समिति भागीरथपुरा, इंदौर में घटित घटना के वास्तविक कारणों एवं आवश्यक तथ्यों का परीक्षण करेगी  एवं घटना से संबंधित प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रबंधनगत कमियों का विश्लेषण करेगी।
भागीरथपुरा दूषित पानी मामले की जांच करेगी राज्य स्तरीय समिति, एक महीने में सौंपेगी रिपोर्ट, तय होगी जिम्मेदारों की जवाबदेही

MP Mantralay

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान जाने, कई घायलों में अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी अभी भी गंदे पानी की सप्लाई के आरोप लग रहे हैं, हालाँकि राज्य सरकार ने घटना के तुरंत बाद एक्शन लेते हुए तात्कालिक रूप से जिम्मेदार अधिकारियों का तबादला कर दिया है और कुछ को निलंबित भी किया था लेकिन अब शासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन कर दिया है।

राज्य शासन ने भागीरथपुरा में हुई घटना की जांच के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। ये समिति प्रदूषित जल आपूर्ति के घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा कर निष्कर्ष, सुझाव एवं अनुशंसाएं राज्य शासन को भेजेगी जिससे जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।  

संजय शुक्ला अध्यक्ष, ये अधिकारी होंगे सदस्य 

राज्य स्तरीय समिति के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किए हैं। समिति में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी. नरहरि, आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोडवे को सदस्य बनाया गया है। वहीं इंदौर संभाग आयुक्त सुदाम खाड़े को सदस्य-सचिव नामित किया गया है।

समिति इस पर करेगी विशेष फोकस 

शासन के निर्णय के मुताबिक ये समिति भागीरथपुरा, इंदौर में घटित घटना के वास्तविक कारणों एवं आवश्यक तथ्यों का परीक्षण करेगी  एवं घटना से संबंधित प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रबंधनगत कमियों का विश्लेषण करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट में घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना, भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आवश्यक सुझाव देना और ऐसे अन्य विषय जो जांच  के अधीन मामलों में आवश्यक हों जांच में शामिल कर सकेगी।

अधिकतम एक महीने में देनी होगी रिपोर्ट 

राज्य स्तरीय समिति संबंधित विभागों से आवश्यक अभिलेख, प्रतिवेदन एवं जानकारी प्राप्त कर सकेगी तथा आवश्यकता होने पर स्थल निरीक्षण भी करेगी। समिति द्वारा जांच प्रतिवेदन यथाशीघ्र किन्तु अधिकतम एक माह के भीतर राज्य शासन को प्रस्तुत किया जाएगा।