इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैले स्वास्थ्य संकट को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को महज़ दुर्घटना नहीं, बल्कि “सिस्टम का अपराध” करार दिया है। इसी के साथ उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और पीड़ितों को उचित मुआवज़ा देने की मांग की है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस पानी से जीवन मिलता है, वही जब मौत का कारण बन जाए तो यह प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि शिकायतें पहले से थीं और चेतावनियां भी दी गई थीं, इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जीतू पटवारी ने सरकार पर उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने कहा है कि पिछले 11 दिनों में 18 ज़िंदगियां खत्म हो गई.. 400 से अधिक लोग इलाज करवा रहे हैं, फिर भी भाजपाई सिस्टम संवेदनाहीन है। उन्होंने कहा कि जिस शहर को सबसे स्वच्छ होने का तमगा मिला, उसी में शौचालय का पानी लोगों को पिला दिया गया। उन्होंने सवाल उकिया है कि यह कैसी स्वच्छता है और यह कैसा शासन प्रशासन है जहां लोगों को शैचालय का पानी पिला दिया जाता है और फिर मामले पर सही कार्रवाई करने की बजाय कुछ को निलंबित कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेती है।
आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि भागीरथपुरा के लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीज तड़प रहे हैं, घरों में मातम पसरा है और नगर निगम की जवाबदेही शून्य नजर आ रही है। उन्होंने 25 वर्षों से सत्ता में रही भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इतने लंबे शासन के बावजूद बुनियादी सुविधा जैसे सुरक्षित पेयजल उपलब्ध न करा पाना गंभीर विफलता है। जीतू पटवारी ने सरकार से मांग की है कि जिन अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की लापरवाही से यह जहरीला पानी घर-घर पहुंचा, उन सभी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए.. सिर्फ निलंबन तक कार्रवाई सीमित न रहे। इसके साथ ही मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा, दोषियों के इस्तीफे और सख्त सजा की मांग भी की है।





