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इंदौर दूषित पेयजल मामला: दिग्विजय सिंह ने की न्यायिक जांच की मांग, कहा- हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए जांच, पब्लिक के सामने हो सुनवाई

उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में लापरवाही बरती गई और जैसे-जैसे मौत का आंकड़ा बढ़ा, जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाली जाने लगी। उनका कहा कि सिर्फ मुआवज़ा देने और अधिकारियों का ट्रांसफर करने से इस त्रासदी का कलंक नहीं धुलेगा। कांग्रेस नेता ने ये भी पूछा है कि इंदौर के प्रभारी मंत्री से सवाल क्यों नहीं किए जा रहे हैं।
Digvijay Singh

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इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल पीने से हुई त्रासदी को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है। इस मामले पर अब पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रदेश की बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने पूछा कि इंदौर के प्रभारी मंत्री मुख्यमंत्री मोहन यादव से कोई सवाल क्यों नहीं किए जा रहे। इसी के साथ उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा है कि इसकी सुनवाई पब्लिक के सामने हो और हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इसकी जांच कराई जाए।

बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहले ही इस मामले में दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि इस मामले में संबद्ध अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर जाकर भागीरथपुरा सहित कई इलाकों में हालात का जायजा लिया और वो भी लगातार पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप

इससे बड़ी विसंगति क्या होगी कि देश में आठ बार सबसे स्वच्छ शहर होने का परचम लहरा चुके इंदौर में गंदे सीवेज का पानी पीने से लोगों की मौत हो जाए। इस मामले को लेकर कांग्रेस बार बार सरकार से सवाल पूछ रही है और कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रही है। इसी कड़ी में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भी मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि इंदौर उनका ‘‘बचपन का शहर, सबसे विकसित और स्वच्छ शहर’’ है लेकिन दु:ख की बात यह है कि इसी शहर में लोग दूषित पानी पीने से मर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में जब मरने वालों की संख्या कम थी, तब किसी ने कोई सवाल नहीं पूछा। लेकिन जैसे ही ये आंकड़ा बढ़ने लगा सब ‘ज़िम्मेदारी की टोपी सबने दूसरे को पहनाना शुरू कर दिए।

न्यायिक जांच और जनता के सामने सुनवाई की मांग 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि ‘प्रभारी मुख्यमंत्री जी से कोई सवाल नहीं पूछ रहा कि वो हर दूसरे दिन शहर में आते हैं और वो महज़ मौत का मुआवजा देकर चुप क्यों हो गए? कुछ ट्रांसफ़र और मुआवजे से शहर का कलंक नहीं धुलता।’ उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। साथ ही ये भी कहा है कि ये सुनवाई जनसामान्य के सामने हो और सिटिंग जज से इसकी जांच करायी जाए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सिर्फ मुआवज़ा देने से किसी व्यक्ति को जीवित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को घेरते हुए कहा कि गलतियों पर परदा डालने की बजाय गलतियों की जिम्मेदारी तय हो और दोषियों को दंडित किया जाए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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