इंदौर जिले के मानपुर क्षेत्र में एक महिला आईएएस अधिकारी से जुड़े फार्महाउस पर पुलिस छापेमारी में जुए के बड़े अड्डे का खुलासा होने के बाद कांग्रेस हमलावर है। उमंग सिंघार ने इस घटना को लेकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि “मौके से लाखों रुपये नकद बरामद होना और पुलिस अधिकारियों का निलंबन यह साफ बताता है कि सत्ता और प्रशासन के संरक्षण में अवैध गतिविधियां फल-फूल रही हैं। जब प्रशासन से जुड़े स्थानों पर ही गैरकानूनी काम चलेंगे, तो आम जनता कानून पर भरोसा कैसे करे? ”
क्या है मामला
बता दें कि मानपुर थाना क्षेत्र के अवलीपुरा स्थित एक फार्महाउस पर लंबे समय से जुए का खेल चलने की सूचना पुलिस को मिल रही थी। मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने वहां दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 18 लोगों को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया, जबकि कुछ आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने यहां से करीब 13 लाख 67 हजार रुपये से अधिक नकद, 30 मोबाइल फोन, ताश की गड्डियां और दो कारें भी जब्त की हैं। जब्त कुल संपत्ति की कीमत 28 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। जिस फार्महाउस पर छापा पड़ा, उसका संबंध महिला आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य और उनके परिवार के नाम पर है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। मामले में लापरवाही और कथित संरक्षण के आरोपों के चलते तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है।
उमंग सिंघार ने की कार्रवाई की मांग
इस घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि एक IAS अधिकारी के फार्महाउस पर जुए का अड्डा चलने का खुलासा प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मौके से लाखों रुपये नकद बरामद होना और पुलिस अधिकारियों का निलंबन यह दर्शाता है कि सत्ता और प्रशासन के संरक्षण में अवैध गतिविधियां फल-फूल रही हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन से जुड़े स्थानों पर ही गैरकानूनी गतिविधियां चलेंगी, तो आम जनता कानून पर भरोसा कैसे करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश को सत्ता संरक्षित अवैध गतिविधियों का अड्डा नहीं बनने दिया जा सकता। उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।






