इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण स्वास्थ्य संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को दो और मरीजों की मौत के बाद इस त्रासदी में मरने वालों की 27 तक पहुंच गई है। वहीं, कई लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। इसे लेकर एक बार फिर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि ‘अब तक 27 निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है, और मुख्यमंत्री जी विदेश यात्रा में भारी व्यस्त हैं।’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार के सारे गुड-गवर्नेंस के दावे फेल हैं और इस तरह की त्रासदी कुशासन का स्पष्ट उदाहरण है।
इंदौर में दो और मरीजों की मौत
इंदौर में दूषित पेयजल के कारण बीमार हुए दो और लोगों की मौत हो गई। 63 वर्षीय बद्री प्रसाद का इलाज के दौरान निधन हो गया। वे अरबिंदो अस्पताल में भर्ती थे, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। इससे ठीक पहले 82 वर्षीय विद्या बाई यादव की मौत गुरुवार रात को हुई थी। उनके परिवार का कहना है कि वे स्वस्थ थीं लेकिन 10 जनवरी से उल्टी-दस्त शुरू होने के बाद स्थिति बिगड़ गई। फ़िलहाल अरबिंदो अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में 10 से अधिक मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जिनमें से कुछ वेंटीलेटर पर हैं। वहीं, रोजाना उल्टी-दस्त, डायरिया और संबंधित बीमारियों के नए मामले भी सामने आ रहे हैं।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने इंदौर जल त्रासदी को लेकर फिर बीजेपी को घेरा है। उन्होंने इसे बीजेपी सरकार के “कुशासन और कुप्रबंधन” का नतीजा करार दिया। उन्होंने कहा कि “इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 27 निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि माननीय मुख्यमंत्री जी विदेश यात्रा में व्यस्त हैं।” बता दें कि कुछ समय पहले उमंग सिंघार ने खुद इंदौर के कई इलाकों में वाटर ऑडिट कराया था और कई वार्डों में जहरीले पानी की शिकायत की थी। कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार सरकार पर हमलावर है और उमंग सिघार जनता से ये अपील भी कर चुके हैं कि जब तक उन्हें स्वच्छ पानी उपलब्ध न हो वो टैक्स और बिल न दें और खुद वॉटर ऑडिट करें।





