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CM शिवराज की बड़ी घोषणा- “प्रदेश में शुरू होगी ये महत्वपूर्ण योजना”

Written by:Shruty Kushwaha
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CM शिवराज की बड़ी घोषणा- “प्रदेश में शुरू होगी ये महत्वपूर्ण योजना”

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक जनकल्याण और सुराज अभियान मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी कड़ी में मंगलवार 21 सितंबर से जनसुनवाई फिर से प्रारंभ की जाएगी। कलेक्टर, कमिश्नर सहित अन्य विभागों के अधिकारी, जनता से मिलकर शिकायतों का निराकरण करेंगे। इसी के साथ सरकार “समाधान एक दिन योजना” फिर से प्रारंभ करने जा रही है। ये बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने सोमवार को मंत्रालय में कलेक्टर-कमिश्नर्स की वीडियो कॉन्फ्रेंस में कही।

वन मंत्री विजय शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना, दिग्विजय को लेकर कही यह बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण का सामना करना अब तक राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता थी। प्रशासनिक अधिकारियों, जन-प्रतिनिधियों और जनता के सहयोग से हम प्रदेश में कोरोना को नियंत्रित करने में सफल हुए हैं। इसके लिए समस्त प्रशासनिक अमला बधाई का पात्र है। प्रदेश को सुराज के मॉडल के रूप में स्थापित करना है। कोरोना के नियंत्रित होने के बाद अब विकास, जन-कल्याण और समय-सीमा में निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के लिए हमें एक बार फिर फुल फॉर्म में आना है। सुराज का मतलब है बिना लिए-दिए और बिना विलंब के लोगों के काम होना। सुराज का मतलब है विकास के काम गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो, घटिया काम बर्दाश्त नहीं होगा। प्रदेश में जनदर्शन आरंभ हो गया है और अब औचक निरीक्षण भी मैं शीघ्र आरंभ करूंगा। भ्रष्टाचार पर हमारी जीरो टॉलरेंस नीति होगी। गड़बड़ करने वालों पर कठोरतम कार्यवाही होगी।

21 सितम्बर से जन-सुनवाई : समाधान एक दिन भी होगा आरंभ

अब सीएम हेल्पलाइन में हर माह मॉनिटरिंग होगी। सीएम ने कहा कि प्रदेश में 21 सितंबर से जन-सुनवाई आरंभ होगी। पहले की तरह सुबह 11 से 12 बजे तक कलेक्टर-कमिश्नर और सभी विभागों के अधिकारी जनता से मिलेंगे और उनकी समस्याएँ जानेंगे। समाधान एक दिन अर्थात् वन-डे गवर्नेंस भी आरंभ होगा। चिन्हित सेवाओं में सुबह आवेदन देने पर शाम तक उसका निराकरण किया जाएगा।

1 से 15 नवंबर तक राजस्व अभिलेखों के शुद्धिकरण का अभियान

सीएम ने निर्देश दिए कि जिलों में बड़े कार्यों की मॉनीटरिंग कलेक्टर स्वयं करें। अटल एक्सप्रेस-वे का नाम अब अटल प्रगति-वे होगा। उन्होने कहा कि प्रदेश में 1 से 15 नवंबर तक राजस्व अभिलेखों के शुद्धिकरण का अभियान चलाया जाएगा। राजस्व रिकॉर्ड में जितनी भी पेंडेंसी है, उसको समाप्त किया जाएगा। प्रदेश में 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस है, भगवान बिरसा मुंडा के जन्म-दिवस पर राजस्व शुद्धिकरण अभियान पूर्ण होगा।

जन-भागीदारी मॉडल को शासन संचालन के अन्य क्षेत्रों में भी क्रियान्वित किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन का पहला डोज़ प्रदेश की 80 प्रतिशत पात्र जनसंख्या को लग चुका है, यह देश में बड़ी उपलब्धि है। जनता को जोड़कर हम कोविड-19 पर नियंत्रण कर पाए। वैक्सीनेशन का यह बड़ा लक्ष्य भी जन-भागीदारी से ही प्राप्त हुआ है। जन-भागीदारी के मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होने ग्वालियर-चंबल संभाग में बाढ़ से निपटने में प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही और राहत कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डेंगू का प्रभाव बढ़ रहा है। भारत सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी की गई है। ब्लड प्लेटलेट्स कम होने से जीवन को खतरे की संभावना बनती है। हम बीमारी को फैलने नहीं देंगे। प्रशासनिक अमला, जन-प्रतिनिधियों और जनता को साथ लेकर प्रत्येक स्तर पर एन्टी लार्वा गतिविधियाँ चलाई जाएंगी।

वॉटसऐप पुलिसिंग नहीं चलेगी

प्रदेश में अवैध शराब को लेकर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए सीएम ने निर्देश दिए कि इसे लेकर लगातार कार्रवाई जारी रखें। अवैध शराब और नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए ग्राम स्तर तक इंटेलिजेंस नेटवर्क को सशक्त करें। पुलिस के अधिकारी क्षेत्र के दौरे और थानों के निरीक्षण सुनिश्चित करें। थानों पर शांति समिति की बैठकें और सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा का क्रियान्वयन अनिवार्यत: हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि वॉटसऐप पुलिसिंग नहीं चलेगी। दुष्टों के लिए वज्र सा कठोर और भले व्यक्ति के लिए फूल सा कोमल व्यवहार आवश्यक है। हमारा लक्ष्य जनता को राहत देना है। राशन की कालाबाजारी को शून्य करना, मिलावट को रोकना और चिटफंड कम्पनियों पर नियंत्रण भी आवश्यक है।

गलती करने वालों को नहीं छोड़े

अनुसूचित जाति-जनजाति और कमजोर तबके पर अत्याचार के संबंध में सजग रहने की आवश्यकता है। ये बात कहते हुए सीएम ने निर्देश दिए कि इस दिशा में कलेक्टर, एस.पी. अतिरिक्त सावधानी बरतें। यह छवि होनी चाहिए कि गलती करने वालों को पुलिस नहीं छोड़ेगी। उन्होने सूदखोरों द्वारा ऊँची दर पर ब्याज वसूलने के मामले में अनूपपुर एसपी द्वारा की गई कार्यवाही की प्रशंसा की। चिन्हित अपराधों की भी बैठक में समीक्षा हुई।

कलेक्टर, एसपी से लेकर मैदानी अधिकारियों तक पुरस्कार की व्यवस्था

इसी के साथ अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। सीएम शिवराज ने कहा कि जो अधिकारी अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें पुरस्कृत करने के लिए व्यवस्था स्थापित की जाए। श्रेष्ठता को रिकार्ड में दर्ज करना आवश्यक है। कलेक्टर, एसपी के साथ मैदानी स्तर के अधिकारियों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था हो। मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर ऐसे अधिकारियों को सम्मानित किया जाए। साथ ही जिन अधिकारियों का परफार्मेंस ठीक नहीं है, उनके संबंध में टीप रिकार्ड में अंकित होनी चाहिए।

अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में विलंब न हो

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में विलंब न हो। परिवार के पात्र सदस्य को जल्द नियुक्ति देना आवश्यक है। इसके लिए निश्चित व्यवस्था स्थापित की जाए।

सोशल मीडिया-गुड गवर्नेंस का प्रभावी साधन

उन्होने जिला स्तर पर सोशल मीडिया प्रबंधन की समीक्षा करते हुए कहा कि सोशल मीडिया गुड गवर्नेंस का प्रभावी साधन है। जनता अपनी समस्याएँ सोशल मीडिया पर सरलता से रख सकती है। इस आधार पर समस्याओं का समाधान होना जनता के लिए बड़ी राहत है। साथ ही जिला प्रशासन अपने अच्छे कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुँचा सकता है। भ्रामक खबरों का रियल टाइम खण्डन भी इससे सुनिश्चित होता है। अत: शासन-प्रशासन के लिए जनता से संवाद का यह प्रभावी माध्यम है।

“मुझे क्या लेना-देना” का भाव छोड़कर सोशल मीडिया पर सक्रिय हों कलेक्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया नेटवर्क को सशक्त करने के लिए जिलों को राज्य शासन की ओर से आवश्यक सहयोग और समर्थन उपलब्ध कराया जाए। कॉन्फ्रेंस में विभिन्न संभागों और जिलों की ट्वीटर और फेसबुक पर सक्रियता के संबंध में आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया। रीवा, दमोह, सागर, जिला प्रशासन द्वारा किए गए विशेष कार्यों, अन्य जिलों द्वारा चलाई गई स्पेशल कैम्पेन के साथ ही क्राइसिस मैनेजमेंट, भ्रामक जानकारियों का खण्डन करने में सोशल मीडिया की भूमिका की जिलावार जानकारी दी गई। प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि शहडोल, खरगेन, रतलाम आदि जिलों ने सोशल मीडिया पर जानकारी आने के परिणामस्वरूप त्वरित रूप से कार्यवाही करते हुए लोगों को राहत पहुँचाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टर “मुझे क्या लेना-देना” का भाव छोड़कर सोशल मीडिया पर सक्रिय हों।

महिला अपराधों के प्रति अधिक संवेदनशीलता की आवश्यकता

बैठक में कहा गया कि महिला अपराधों को रोकने के लिए पुलिस को और अधिक संवदेनशील होने की आवश्यकता है। छेड़छाड़ के मामलों पर सख्त कार्यवाही हो। प्रदेश में 700 थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। प्रदेश में 52 महिला थाने स्थापित किए गए हैं। इनके कार्य का इम्पेक्ट असेसमेंट कराया जाए। साथ ही महिला थाने मानव तस्करी रोधी इकाई के रूप में कार्य करें।

मध्यप्रदेश को मिले 21 मेडल

कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई मध्यप्रदेश पुलिस को वर्ष 2019-2021 के दौरान गंभीर महिला अपराधों की विवेचना के लिए यूनियन होम मिनिस्टर मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन में 21 मेडल प्राप्त हुए हैं। ऑनलाइन प्री-लिटिगेशन, मिडिएशन आरंभ करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गुम अवयस्क बालक-बालिकाओं को ढूँढने के लिए ऑपरेशन मुस्कान में पुलिस को सघन प्रयास करने की आवश्यकता है।

ग्वालियर में मुक्त कराई गई 1027 एकड़ भूमि

मुख्यमंत्री ने शासकीय भूमि को भू-माफिया और गुंडों से मुक्त कराने के लिए ग्वालियर, सागर, छतरपुर, सिवनी और खण्डवा जिलों को बधाई दी। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में 1027 एकड़ भूमि कब्जाधारियों से मुक्त कराई गई है। उज्जैन में हरीफाटक ब्रिज, शहडोल, सतना, देवास, सिवनी और सिंगरौली में हुई कार्यवाही की भी प्रशंसा की गई। प्रदेश में अब तक 3839.69 एकड़ भूमि मुक्त कराई गई है।

भू-माफिया से मुक्त कराई भूमि पर गरीबों के आवास बनेंगे

भू-माफिया और गुंडों से मुक्त कराई गई ऐसी भूमि जो शहर में है या शहर के पास है, उसे गरीबों के आवास के लिए आरक्षित किया जाए, ये निर्देश दिए गए। जो भूमि शहर से दूर है वहाँ शासकीय कार्यालय या स्कूल आदि संचालित किए जाएँ। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि मुक्त कराई गई भूमि का सही उपयोग हो और उस पर पुन: कब्जा न हो।

अवैध खनन में लगे वाहनों को राजसात किया जाए

अवैध खनन करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही आवश्यक है। अवैध खनन में लगे लोगों के वाहन राजसात कर नीलाम करने से ही नियंत्रण संभव होगा। मात्र जुर्माना लगाने से अवैध खनन पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता।

मंत्रालय में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कान्फ्रेंस में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव जनसंपर्क एवं संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी उपस्थित रहे। सभी कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित सभी जिला पंचायतों के सीईओ और सभी कमिश्नर नगर निगम बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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