मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज विदिशा जिले में प्रदेश की पहली जिला स्तरीय फिंगर प्रिंट लैब का शुभारंभ किया, उन्होंने प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम नव्या का विदिशा से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुभारंभ किया साथ ही राहवीर विदिशा नि:शुल्क ऐप विकसित करने वाले युवाओं को प्रमाण-पत्र वितरित किये और शमशाबाद को 163 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। केन-बेतना नदी जोड़ो परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना सहित आधुनिक सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 2 वर्ष में ही प्रदेश में सिंचाई का रकबा 10 लाख हैक्टेयर बढ़ा है। अब प्रदेश की 55 लाख हैक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। हम अपनी नदियों से राजस्थान और उत्तरप्रदेश को भी पानी उपलब्ध कराते हैं। बिहार और गुजरात को भी पानी मिलता है। पूर्व सरकारों ने नदियों की जलराशि का उचित प्रबंधन करने पर कभी ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब हमारी सरकार के प्रयासों से विदिशा जिले को भी केन-बेतवा नदी परियोजना का पूरा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश आज बिजली सरप्लस स्टेट है। अब किसानों को दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। हमारे लिए खेतों में किसान और सीमा पर जवान दोनों बराबर है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाएं और अंदरूनी इलाके सुरक्षित हुए हैं।
कृषि उत्पादन के मामले में अग्रणी विदिशा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को शमशाबाद में कृषक हितग्राही सम्मेलन और विकास कार्यों के भूमि-पूजन एवं लोकर्पण कार्यक्रम में कहा कि विदिशा जिला कृषि उत्पादन के मामले में अग्रणी है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना लागू कर सोयाबीन उत्पादक किसानों के खातों में लगभग 1500 करोड़ राशि अंतरित की है। अब सरसों की फसल भी भावांतर योजना के अंतर्गत खरीदी जाएगी। राज्य सरकार ने उड़द की फसल पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया है। गेहूं खरीद के लिए पंजीयन कराने की तारीख भी बढ़ाई गई है। राज्य सरकार किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेगी। इसमें 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि शामिल है। सरकार वर्ष 2028 तक किसानों को गेहूं की 2700 रुपए कीमत दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हितग्राहियों को हितलाभ वितरित
डॉ यादव का पारंपरिक साफा बांधकर एवं गजमाला से आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा, मुद्रा योजना, कृषि यंत्र, पशुधन, खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए।
163 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन-लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विदिशा जिले के समग्र विकास के लिए 163 करोड़ रुपये की सौगात दी। उन्होंने लगभग 60 करोड़ लागत के 41 विकास कार्यों के लोकार्पण किए, जिसमें कुरवाई का सांदीपनि विद्यालय भी शामिल है। शनिवार 7 मार्च को 104.56 करोड़ की 56 नवीन विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन भी किया गया। इसमें 15 करोड़ रुपये लागत से विदिशा महाविद्यालय का उन्नयन कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के बजट में विदिशा को 116 करोड़ की नई सड़कों की सौगात मिली है।
कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम “नव्या” शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में विदिशा से कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘नव्या’ की शुरुआत की गई है। यह योजना देश के 9 राज्यों के 27 जिलों में लागू की गई है। विदिशा प्रदेश का इकलौता जिला है, जो योजना में शामिल है। इसके माध्यम से 10वीं पास बहनों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात दे रही है और यह राशि धीरे-धीरे बढ़ती जाएगी। प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को सर्वगुण संपन्न बनाया जाएगा। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को लैपटॉप, साइकिल, किताबें और ड्रेस उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
सीएम की अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
- शमशाबाद नगर परिषद के विकास कार्यों के लिए 3 करोड़ राशि दी जाएगी।
- शमशाबाद में नवीन विद्युत सब स्टेशन बनाया जाएगा, जिससे कई गांवों को बिजली मिलेगी।
- शमशाबाद में भी एक बड़ी आदर्श गौशाला बनाई जाएगी।
- संजय सागर और सगढ़ सिंचाई परियोजनाओं का परीक्षण कर विकास कार्य होंगे।






