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जयकारों से गूंजा कैंची धाम! बाबा नीम करौली महाराज के स्थापना दिवस पर लाखों भक्तों का जमावड़ा

Written by:Bhawna Choubey
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विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज के स्थापना दिवस को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के इस पवित्र धाम में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नौ चूल्हों पर महाप्रसाद तैयार हो रहा है, अखंड रामायण पाठ जारी है और पूरा आश्रम रंग-बिरंगी रोशनी से सजा हुआ है।

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित बाबा नीम करौली महाराज का कैंची धाम एक बार फिर आस्था का बड़ा केंद्र बन गया है। स्थापना दिवस के मौके पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। आयोजन से एक दिन पहले ही आश्रम परिसर श्रद्धालुओं से भर चुका है। हर तरफ भक्ति का माहौल है और बाबा के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है। प्रशासन और आश्रम प्रबंधन भी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।

कैंची धाम केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश और दुनिया के लाखों लोगों की आस्था का केंद्र माना जाता है। हर साल स्थापना दिवस पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इस बार भीड़ पहले से अधिक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। यही वजह है कि आश्रम परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं।

रोशनी, भक्ति और महाप्रसाद की भव्य तैयारियां

स्थापना दिवस के अवसर पर कैंची धाम को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। शाम होते ही पूरा परिसर रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा उठता है। पहाड़ों के बीच स्थित आश्रम का यह दृश्य श्रद्धालुओं को खास आध्यात्मिक अनुभव देता है। बड़ी संख्या में भक्त परिसर में पहुंचकर इस नजारे को अपने कैमरों में भी कैद कर रहे हैं।

आश्रम में महाप्रसाद की तैयारियां भी जोरों पर हैं। नौ बड़े चूल्हों पर प्रसाद बनाया जा रहा है। मथुरा और वृंदावन से आए अनुभवी कारीगर विशेष मालपुए तैयार कर रहे हैं, जिन्हें स्थापना दिवस पर श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाएगा। विशाल कड़ाहों में लगातार प्रसाद बन रहा है और सेवक व्यवस्था संभालने में जुटे हैं। धार्मिक आयोजनों में महाप्रसाद की परंपरा को विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि इसे बाबा का आशीर्वाद माना जाता है। इसी कारण श्रद्धालु घंटों इंतजार कर प्रसाद ग्रहण करते हैं।

बाबा नीम करौली महाराज की आस्था दुनिया भर में क्यों है खास?

बाबा नीम करौली महाराज को लाखों श्रद्धालु आध्यात्मिक गुरु और संत के रूप में मानते हैं। उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रभावित लोग देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी कैंची धाम पहुंचते हैं। कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों और तकनीकी जगत से जुड़े लोगों ने भी समय-समय पर बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की है। यही वजह है कि कैंची धाम आज वैश्विक पहचान बना चुका है।

स्थापना दिवस के दौरान अखंड रामायण पाठ लगातार जारी है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु भजन-कीर्तन, पूजा और दर्शन में शामिल होकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की है ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।

आश्रम से जुड़े लोगों का मानना है कि स्थापना दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और सामूहिक भक्ति का उत्सव है। इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में कैंची धाम एक बार फिर आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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