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सरसों चोरी का मास्टरप्लान फेल, नंबर प्लेट बदलकर घूम रहा गैंग आखिर पकड़ा गया

Written by:Bhawna Choubey
Published:
विदिशा के सिरोंज में ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर लाखों की सरसों चोरी की गई। पुलिस ने 122 CCTV फुटेज खंगालकर 48 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया।
सरसों चोरी का मास्टरप्लान फेल, नंबर प्लेट बदलकर घूम रहा गैंग आखिर पकड़ा गया

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज में सरसों चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करीब 21 लाख रुपये की सरसों चोरी कर ली। घटना के बाद व्यापारी और पुलिस दोनों हैरान रह गए, क्योंकि आरोपी वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए थे।

लेकिन सिरोंज पुलिस ने तेजी दिखाते हुए सिर्फ 48 घंटे के भीतर इस मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने तकनीकी जांच और 122 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी की गई सरसों और ट्रक समेत करीब 72 लाख रुपये का मशरूका भी बरामद किया है।

व्यापारी की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस

जानकारी के मुताबिक, 8 मई को सिरोंज निवासी व्यापारी वीरेन्द्र जैन ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक ट्रक चालक उनकी 297 क्विंटल सरसों लेकर फरार हो गया है। चोरी हुई सरसों की कीमत करीब 21 लाख 65 हजार रुपये बताई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। एसपी रोहित काशवानी के निर्देशन में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने अलग-अलग इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए।

122 CCTV फुटेज ने खोला पूरा राज

पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों तक पहुंचना था, क्योंकि ट्रक पर लगी नंबर प्लेट फर्जी थी। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया था।

जांच के दौरान पुलिस ने करीब 122 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। तकनीकी जांच और ट्रक की मूवमेंट ट्रेस करने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस को पता चला कि आरोपी लगातार रास्ता बदलकर भागने की कोशिश कर रहे थे।

श्योपुर से गिरफ्तार हुए आरोपी

पुलिस ने इस मामले में श्योपुर जिले के रहने वाले गजराज धाकड़ और ट्रक चालक कल्लू उर्फ संजू परिहार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 338 बोरी सरसों और घटना में इस्तेमाल ट्रक जब्त किया गया। बरामद सरसों और ट्रक की कुल कीमत करीब 72 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस चोरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

फर्जी नंबर प्लेट से पुलिस को किया गुमराह

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ट्रक पर नकली नंबर प्लेट लगाई थी ताकि पुलिस ट्रक की असली पहचान तक न पहुंच सके। लेकिन लगातार सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पता लगा लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अब तकनीक बड़ी मदद साबित हो रही है। सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल ट्रैकिंग की वजह से अपराधियों को पकड़ना आसान हो रहा है।

व्यापारियों में बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद इलाके के व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि बड़ी मात्रा में अनाज और कृषि उपज की ढुलाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। कई व्यापारियों ने मांग की है कि ट्रांसपोर्ट से जुड़े वाहनों की जांच और निगरानी बढ़ाई जाए ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क की कर रही जांच

पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चोरी की योजना कब बनाई गई और इसमें कितने लोग शामिल थे।

संभावना जताई जा रही है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है, जो ट्रांसपोर्ट और कृषि उपज चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। पुलिस जल्द ही मामले में और खुलासे कर सकती है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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