सदियों से खड़े मंदिर केवल पत्थरों की इमारत नहीं होते, बल्कि लोगों की आस्था और इतिहास का हिस्सा होते हैं। जब ऐसे ही किसी प्राचीन मंदिर से जुड़ी बुरी खबर सामने आती है तो लोगों का दिल दुखी हो जाता है। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया, जहां चोरों ने चोरी की नीयत से मंदिर में घुसकर भगवान की प्रतिमा तक को नुकसान पहुंचा दिया।
घटना के बाद गांव से लेकर आसपास के इलाकों में लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और कुछ ही दिनों में आरोपियों को पकड़ लिया। इस घटना ने फिर एक बार यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हमारी प्राचीन धरोहरों की सुरक्षा कितनी मजबूत है।
विदिशा के प्राचीन विष्णु मंदिर में वारदात से मचा हड़कंप
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के दीपनाखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित गोपालनगर गांव का प्राचीन विष्णु मंदिर राज्य संरक्षित धरोहरों में शामिल है। माना जाता है कि यह मंदिर लगभग 1000 साल पुराना है और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
8 फरवरी 2026 की रात अज्ञात बदमाश मंदिर का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। चोरी की नीयत से आए आरोपियों ने मंदिर में रखी भगवान विष्णु की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया और मूर्ति को खंडित कर दिया। सुबह जब गांव वालों को घटना का पता चला तो मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों में नाराजगी भी देखी गई क्योंकि यह केवल चोरी की घटना नहीं बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला था। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और जांच शुरू की गई।
पुलिस जांच में तकनीक बनी सबसे बड़ा हथियार
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। मंदिर परिसर की जांच की गई और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई गई।
जांच में तकनीकी सहायता भी ली गई। घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए गए और फिंगरप्रिंट तथा फॉरेंसिक जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया। इसके लिए टीम भोपाल से पहुंची।
जांच के दौरान आसपास लगे 250 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस के “360 डिग्री दृष्टि” कैमरा नेटवर्क से अहम सुराग मिले, जिससे संदिग्धों की पहचान संभव हो सकी। फुटेज में एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध लोगों की गतिविधियां दिखाई दीं, जिसके आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी।
सिरोंज मार्ग पर घेराबंदी, दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने संदिग्धों की पहचान के बाद कई जगह दबिश दी। 14 फरवरी को भोपाल-सिरोंज मार्ग पर ग्राम सुहाया के पास घेराबंदी की गई। इस दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका गया।
बाइक सवारों की पहचान दीपक पचोरे और राकेश कहार के रूप में हुई। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने मंदिर में घुसकर चोरी की कोशिश करने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने उनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड, हेलमेट और होंडा शाइन मोटरसाइकिल बरामद की। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी मंदिर में सोने की मूर्ति होने की अफवाह सुनकर चोरी की नीयत से पहुंचे थे।





