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बागपत में CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, बोले – ‘प्राचीन काल में योगी केवल गुफाओं तक सीमित नहीं थे’

Written by:Ankita Chourdia
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बागपत में सनातन धर्म की शक्ति, भारत की अनाक्रमण नीति और विकास कार्यों पर प्रकाश डाला, वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भों का भी उल्लेख किया। चलिए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
बागपत में CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, बोले – ‘प्राचीन काल में योगी केवल गुफाओं तक सीमित नहीं थे’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बागपत पहुंचे। उन्होंने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में भारत के गौरवशाली इतिहास, सनातन धर्म की शक्ति और प्रदेश के विकास पर महत्वपूर्ण उद्बोधन दिया। दरअसल सीएम योगी आदित्यनाथ ने बागपत के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बागपत का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण ने कौरवों से जो पाँच गाँव मांगे थे, बागपत भी उनमें से एक माना जाता है। यह पावन भूमि किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि रही है। इस धरती ने देश को अनेक महान शख्सियतें प्रदान की हैं, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया।

मुख्यमंत्री ने जाट समुदाय के बारे में प्रचलित धारणाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि जाट केवल खेती तक सीमित हैं। लेकिन मैं इस विचार से सहमत नहीं हूँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि जाट पढ़-लिखकर मुंबई का पुलिस कमिश्नर भी बन सकते हैं। बागपत की इसी धरती के रहने वाले सत्यपाल सिंह इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। वे मुंबई पुलिस कमिश्नर बने और उन्होंने पूरे देश को कानून का पाठ पढ़ाया।

वर्तमान राजनीतिक सहयोग का भी जिक्र किया

सीएम योगी ने वर्तमान राजनीतिक सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आज इसी धरती से निकले जयंत चौधरी के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकदल और केंद्र सरकार मिलकर कार्य कर रहे हैं। वे देश और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ और योगियों की ऐतिहासिक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ गुरु गोरखनाथ ने धर्म की अलख जगाई थी। गुलामी के कालखंड में योगियों ने आक्रांताओं के विरुद्ध प्रभावी रणनीति बनाई। उन्होंने समाज को एकजुट कर धर्म और संस्कृति की रक्षा की। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्राचीन काल में योगी केवल गुफाओं तक सीमित नहीं थे। उन्होंने घोषणा की कि यदि धर्म और संस्कृति पर हमला होगा, तो योगी शांत नहीं बैठेगा। वह उसका मुकाबला करेगा और मुंहतोड़ जवाब देगा। संतों और योगियों ने लगातार समाज में जागरूकता फैलाई है। उन्होंने आक्रांताओं के खिलाफ निडरता से संघर्ष किया। सीएम ने कहा कि जो संकट में समाज के साथ खड़ा हो, वही सच्चा संत है।

राम मंदिर के लिए हुए संघर्षों को याद किया

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में राम मंदिर के लिए हुए संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि इन संघर्षों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। डबल इंजन की सरकार आने पर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ। कोई भी शक्ति या बाधा इसे रोक नहीं पाई। हमारे पूर्वजों ने हमें “राम-राम” कहना सिखाया था, ताकि हर पल प्रभु का स्मरण बना रहे और हम अपनी संस्कृति से जुड़े रहें। उन्होंने भारत की सामरिक शक्ति का भी उल्लेख किया। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ऑपरेशन शक्ति के अंतर्गत भारत ने परमाणु परीक्षण किए थे, जिससे देश की सुरक्षा मजबूत हुई।

सनातन धर्म के मूलभूत सिद्धांतों पर बल दिया

सीएम योगी ने सनातन धर्म के मूलभूत सिद्धांतों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि सनातन धर्म ने कभी किसी को जबरन गुलाम नहीं बनाया है। भारत ने कभी किसी की भूमि पर कब्जा करने की नीति नहीं अपनाई। लेकिन भारत ने विदेशी आक्रांताओं से लगातार और दृढ़ता से संघर्ष अवश्य किया है।

उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना ऐतिहासिक संदर्भों से की। जिन आक्रांताओं ने सनातन आस्था के प्रतीक मंदिरों, मठों और तीर्थ स्थलों को खंडित किया था, आज वे सभी तीर्थ स्थल पुनर्जीवित हो चुके हैं और अपनी पूर्ण भव्यता में वापस आ गए हैं। इसके विपरीत, उन आक्रांताओं का नामोनिशान तक मिट्टी में मिल गया है। यही सनातन की वास्तविक और अविनाशी ताकत है।

Ankita Chourdia
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