Hindi News

सपा नेता आजम खान को बड़ी राहत, शत्रु संपत्ति मामले में कोर्ट से मिली जमानत, जानें पूरा मामला

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
सपा के दिग्गज नेता आजम खान को शत्रु संपत्ति के रिकॉर्ड खुर्द-बुर्द करने के एक गंभीर मामले में बड़ी राहत मिली है, जहां बढ़ी हुई धाराओं में भी उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई है, जिससे उनकी कानूनी लड़ाई में एक अहम मोड़ आया है।
सपा नेता आजम खान को बड़ी राहत, शत्रु संपत्ति मामले में कोर्ट से मिली जमानत, जानें पूरा मामला

सियासत के गलियारों में हमेशा सुर्खियों में रहने वाले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को एक और बड़ी कानूनी लड़ाई में राहत मिली है, जहां शत्रु संपत्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई है, जिससे उनकी जेल से बाहर आने की उम्मीदों को भले ही तुरंत पंख न लगे हों, लेकिन कानूनी मोर्चे पर यह उनके लिए एक अहम जीत मानी जा रही है। यह मामला शत्रु संपत्ति के रिकॉर्ड को खुर्द-बुर्द करने से जुड़ा है, जिसे लेकर 9 मई 2020 को मुकदमा दर्ज किया गया था, और तभी से यह प्रकरण आजम खान के लिए एक बड़ी कानूनी चुनौती बना हुआ था, जिसने उनके राजनीतिक करियर के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर भी गहरा असर डाला है।

दरअसल, इस पूरे प्रकरण में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की मुश्किलें तब और बढ़ गई थीं, जब शत्रु संपत्ति के रिकॉर्ड में हेरफेर के इस संवेदनशील मामले में जांच के दौरान भारतीय दंड संहिता की कुछ नई धाराएं जोड़ी गईं, जिसने इस कानूनी पचड़े को और भी जटिल बना दिया था। एमपी एमएलए सेशन कोर्ट से मिली यह जमानत आजम खान के लिए ऐसे समय में आई है, जब वे कई अन्य कानूनी दांवपेचों में उलझे हुए हैं और लगातार अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। इस मामले में पहले से ही कई आरोपी जमानत पर बाहर थे, लेकिन आजम खान के खिलाफ बढ़ी हुई धाराओं ने उनकी कानूनी स्थिति को पेचीदा बना दिया था।

आजम खान के साथ उनके बेटे का भी नाम शामिल

इस पूरे घटनाक्रम में आजम खान के साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम का नाम भी धारा 120-बी के तहत शामिल किया गया था, जो पूरक आरोप पत्र में सामने आया था, जिससे पिता-पुत्र दोनों ही इस मामले में कानूनी शिकंजे में फंसे हुए थे। यह धारा आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित है, और इसका जुड़ना मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है। शत्रु संपत्ति से जुड़े इस विवादित मामले में रिकॉर्ड्स को कथित तौर पर खुर्द-बुर्द करने का आरोप आजम खान और उनके सहयोगियों पर लगाया गया था, जिसने प्रशासन के साथ उनके लंबे समय से चले आ रहे टकराव को और हवा दी थी।

आजम खान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि पहले यह मुकदमा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत चल रहा था, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा अप्रैल 2025 में ही आजम खान को जमानत मिल चुकी थी। यह एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जब लगा कि आजम खान को इस मामले में राहत मिल गई है। हालांकि, आगे की गहन जांच पड़ताल के बाद मामले में धारा 467 (मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत आदि की जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का वास्तविक रूप में उपयोग करना) और 201 आईपीसी (अपराध के साक्ष्य को गायब करना, या अपराधी को गलत जानकारी देना) की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके चलते उनकी कानूनी राह फिर से कठिन हो गई थी और उन्हें इन नई धाराओं के लिए फिर से जमानत के लिए अर्जी देनी पड़ी थी।

रामपुर जेल में पहले से सजा काट रहे आजम और पुत्र अब्दुल्ला आजम

इन बढ़ी हुई धाराओं के तहत आजम खान के खिलाफ 4 जुलाई 2025 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था, जिसने इस मामले को एक नया आयाम दे दिया था और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था। वकील नासिर सुल्तान ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अन्य आरोपी पहले से ही जमानत पर बाहर हैं, और सिर्फ आजम खान के खिलाफ ही इन नई धाराओं में बढ़ोतरी की गई थी, जिनमें अब उन्हें भी जमानत मिल गई है। गौरतलब है कि आजम खान और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम, दो पैन कार्ड से संबंधित एक अन्य मामले में पहले से ही रामपुर जेल में 7-7 साल की सजा काट रहे हैं, ऐसे में इस जमानत से उन्हें तत्काल रिहाई तो नहीं मिलेगी, लेकिन कानूनी मोर्चे पर यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण राहत है और भविष्य की कानूनी लड़ाइयों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह जमानत उनके खिलाफ चल रहे कई मुकदमों में से एक में उन्हें बड़ी राहत मिली है, हालांकि उनकी जेल से बाहर आने की राह अभी भी कई कानूनी अड़चनों से भरी हुई है, जिस पर आगे भी कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
Follow Us :GoogleNews