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जंग लगे बर्तनों में बन रही थी आइसक्रीम, स्वच्छता का ध्यान नहीं, खाद्य विभाग ने सील की फैक्ट्री

Reported by:Shakil Ansari|Edited by:Atul Saxena
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जंग लगे बर्तनों में बन रही थी आइसक्रीम, स्वच्छता का ध्यान नहीं, खाद्य विभाग ने सील की फैक्ट्री

Raids on ice cream factories

इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने आइसक्रीम निर्माण इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रतिष्ठानों से कुल 10 नमूने जांच के लिए लिए हैं। जांच के दौरान कई अनियमितताएं मिलने पर एक फैक्ट्री का निर्माण कार्य बंद कराया गया, जबकि दूसरी को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शहर की आइसक्रीम फैक्ट्रियों  का औचक निरीक्षण किया। जिसमें राजाराम नगर स्थित चैंपियंस आइसक्रीम एंड फ्रोजन फूड पर जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

गन्दगी और बिना लाइसेंस चलती मिली फैक्ट्री सील 

निरीक्षण में पाया गया कि फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस नहीं था और पैकेजिंग सामग्री पर जरूरी लेबलिंग जानकारी भी अधूरी थी। इसके साथ ही कच्चे माल का भंडारण अस्वच्छ हालत में किया जा रहा था और जंग लगे सांचे भी उपयोग में पाए गए। निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे पानी की जांच रिपोर्ट भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराई गई। वैध निर्माण अनुज्ञप्ति मिलने तक यूनिट का निर्माण कार्य बंद करा दिया गया।

खाद्य विभाग ने लिए आइसक्रीम के नमूने 

इसके अलावा छोटा बांगड़दा स्थित रुद्राक्ष आइसक्रीम इकाई का भी निरीक्षण किया गया। यहां आइसक्रीम निर्माण अस्वच्छ परिस्थितियों में होता पाया गया। जांच के दौरान कई फ्लेवर बिना लेबल के मिले, जिन पर किसी प्रकार की आवश्यक जानकारी दर्ज नहीं थी। भंडारण स्थल पर भी अव्यवस्था पाई गई।अधिकारियों ने यहां से भी कई आइसक्रीम और एक टूटी फ्रूटी का नमूना जांच के लिए लिया। बिना लेबल वाले फ्लेवर्स को मौके पर ही नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित संचालक को नोटिस जारी करने की बात कही है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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