प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से राष्ट्रहित में एक महत्वपूर्ण अपील की थी, जिसमें उन्होंने भावी आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया था। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल में सावधानी बरतने, सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को अपनाने, सोने की खरीद को कुछ समय के लिए टालने और घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) को प्राथमिकता देने जैसे सुझाव दिए थे। हालांकि, प्रधानमंत्री की इस दूरदर्शी अपील के बाद विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलना शुरू कर दिया था। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस संभावित संकट को भाजपा सरकार की कथित गलत नीतियों का परिणाम बताया था, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई।
इसी कड़ी में, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन पर सीधा निशाना साधा है। पाठक ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी जी और अखिलेश यादव जी को अब यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि उन दोनों की मानसिकता पूरी तरह से नकारात्मक हो चुकी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चाहे मुद्दा कितना भी राष्ट्रहित का क्यों न हो, उनकी नकारात्मक सोच हर विषय पर हावी रहती है। उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब हमारे यशस्वी और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देशहित में अपने प्रिय परिवारजनों से कुछ समय के लिए सीमित संसाधनों का उपयोग करने की अत्यंत विनम्र अपील की, तो नकारात्मक मानसिकता से ग्रसित इन दोनों नेताओं की राजनीतिक कुंठा, हताशा और निराशा खुलकर सामने आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके तुरंत बाद ही दोनों नेताओं ने अनर्गल बयानबाजी शुरू कर दी, जो उनकी गैर-जिम्मेदाराना सोच को दर्शाता है।
ब्रजेश पाठक ने जनता को प्रधानमंत्री मोदी अपील मानने की दी सलाह
ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री मोदी की इस दूरगामी अपील को दोहराते हुए देशवासियों से इसे गंभीरता से मानने की सलाह दी है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने प्रिय देशवासियों से की गई अपनी अपील में यह स्पष्ट किया है कि जहां तक संभव हो, सभी को वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचने का भी आग्रह किया है। पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के लिए मेट्रो से सफर करने, पार्सल रेल के माध्यम से भेजने और निजी कारों का कम से कम इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, पाठक ने प्रधानमंत्री की अपील का हवाला देते हुए कहा कि खाने के तेल का उपयोग भी कम किया जाए, रासायनिक खाद का इस्तेमाल आधा कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ा जाए। उन्होंने विदेशी ब्रांडेड उत्पादों का उपयोग कम करके स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और एक साल तक विदेशों की यात्रा कम करने का आह्वान भी किया, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
उपमुख्यमंत्री पाठक ने अपने संबोधन में आगे बढ़ते हुए कहा, “आइए, हम सब मिलकर इस महत्वपूर्ण संकल्प को लें कि तेल आयात पर खर्च होने वाली बहुमूल्य विदेशी मुद्रा को बचाएंगे।” उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि हफ्ते में सिर्फ एक दिन कारपूल करना हो या फिर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाना, आपका उठाया गया हर छोटा कदम राष्ट्रहित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होगा। उन्होंने कुछ व्यावहारिक सुझाव भी दिए, जैसे गैस चूल्हे की जगह इंडक्शन का उपयोग करना और अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाना एक बेहतरीन और पर्यावरण-अनुकूल शुरुआत हो सकती है। पाठक ने जोर देकर कहा कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक होंगे और हमें बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेंगे।





