प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देश के नागरिकों से की गई दस अपील के बाद जिस तरह से विपक्ष उस पर सवाल उठा रहा है, अब भारतीय जनता पार्टी ने उस पर पलटवार किया है। भाजपा सांसद और तेज तर्रार प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान का पुरजोर समर्थन किया है, और विपक्ष की आलोचना को देशहित के खिलाफ बताया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का समर्थन करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ भी कहा है, वह सरकार का कर्तव्य है, ठीक उसी तरह जैसे सुनामी या किसी बड़े तूफान के खतरे के समय सरकार लोगों को एहतियात बरतने की सलाह देती है। इसका यह अर्थ कतई नहीं है कि सरकार किसी की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति, गांव, शहर, जिले और संपूर्ण व्यवस्था के लिए आवश्यक सतर्कता का आह्वान है।
विपक्ष एक बार फिर वही गलती दोहरा रहा: सुधांशु त्रिवेदी
भाजपा सांसद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे लगता है कि विपक्ष एक बार फिर वही गलती दोहरा रहा है। सरकार का विरोध, भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते वे कब देश विरोध की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं, यह वे स्वयं भी तय नहीं कर पाते। त्रिवेदी ने विपक्ष से सीधा सवाल किया कि आज वे बताएं कि विश्व का ऐसा कौन सा क्षेत्र है जो इस समय किसी न किसी आर्थिक, सामरिक या ऊर्जा संकट से नहीं जूझ रहा है। चाहे वह अमेरिका हो, यूरोप हो या मध्य-पूर्व के देश हों, हर जगह चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं।
त्रिवेदी ने विपक्ष से पूछा कि क्या वे भारत के भविष्य की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के पक्ष में हैं या नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार विपक्ष सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर अराजकता पैदा करके अपने राजनीतिक हितों को साधना चाहता है, क्या वह इस समय आर्थिक और सुरक्षा के विषय पर भी अव्यवस्था उत्पन्न करके उसी प्रकार अपने राजनीतिक हित साधने का प्रयास नहीं कर रहा है?
जानिए सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
भाजपा सांसद ने आगे कहा कि आज भारत की स्थिति उस मजबूत जहाज की तरह है जब पूरे दुनिया के समंदर में सुनामी आई हुई है। इस वैश्विक सुनामी में सारे जहाज उथल-पुथल का शिकार हो रहे हैं, और ऐसी विकट परिस्थिति में भी यदि हमारा जहाज आगे बढ़ रहा है, तो निश्चित रूप से उस पर कुछ न कुछ झटके लगना स्वाभाविक है। यदि कोई यह कहे कि इसके लिए सुनामी का दोष नहीं है, बल्कि जहाज के कैप्टन का दोष है, तो मुझे लगता है कि यह उसकी दृष्टि का दोष है।
सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष से तीन स्पष्ट सवाल किए और उनसे साफ-साफ और सीधा जवाब देने की मांग की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने यह अपील इसलिए की है क्योंकि हमारी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 85 फीसदी विदेशों से आयात होता है, जिसमें बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। इस समय आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना देश के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का जिक्र
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का जिक्र करते हुए विपक्ष से भी आह्वान किया, “आओ मिलकर दिया जलाएं।” त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष जो सत्य को अपने भ्रम के बादलों से ढकना चाह रहा है, उनके लिए मैं कहना चाहूंगा: “आओ मिलकर दिया जलाएं, भरी दोपहरी में अंधियारा, सूरज परछाई से हारा, अंतरतम का नेह निचोड़ें, बुझी हुई बाती सुलगाएं, आओ मिलकर दिया जलाएं।”
भाजपा सांसद ने आगे विस्तार से बताया कि संपूर्ण विश्व इस समय अभूतपूर्व और ऐतिहासिक संकट के काल से गुजर रहा है। मध्य-पूर्व और पश्चिमी एशिया सीधे युद्ध की चपेट में हैं। यूरोप में यूक्रेन और रूस का युद्ध सालों से जारी है। इजरायल और गाजा का युद्ध, साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव जैसी परिस्थितियां पूरी दुनिया को एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण मोड़ पर ले जा रही हैं। यहां तक कि थाईलैंड और कंबोडिया जैसे देशों की सीमाओं पर भी तनाव व्याप्त है। ऐसे अभूतपूर्व संकट के समय में जब सारे विश्व के सामने न केवल सुरक्षा का बल्कि आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा का भी गंभीर संकट उत्पन्न हुआ है, भारत को सजग रहना आवश्यक है।
सुधांशु त्रिवेदी ने वैश्विक पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि का उदाहरण देते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि अमेरिका में 20 से लेकर 40 फीसदी तक, यूरोप में 20-40 फीसदी, और अफ्रीकी देशों में तो 60 फीसदी तक दाम बढ़े हैं। आज की तारीख में भी कैलिफोर्निया में भारतीय मुद्रा के हिसाब से 140 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल मिल रहा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में यदि हमारे प्रधानमंत्री ने देश के सभी नागरिकों के भविष्य को ध्यान में रखकर एक सजगता, सतर्कता और सावधानी रखने की अपील की है, तो यह हम सभी की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
यह उल्लेखनीय है कि तेलंगाना में 10 मई को एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, एक साल तक सोना न खरीदने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने सहित लोगों से कुल दस महत्वपूर्ण अपील की थीं, जिन्हें भाजपा अब देशहित में उठाया गया कदम बता रही है।






