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ED ने ममता सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को किया गिरफ्तार, लंबी पूछताछ के बाद लिया कड़ा एक्शन

Written by:Banshika Sharma
Published:
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को नगर पालिका भर्ती घोटाले में ईडी ने लंबी पूछताछ के उपरांत साल्ट लेक स्थित कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया है, जानकारी दे दें कि उन पर अवैध नियुक्तियों के बदले फ्लैट व नकदी अर्जित करने का आरोप है।
ED ने ममता सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को किया गिरफ्तार, लंबी पूछताछ के बाद लिया कड़ा एक्शन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में कथित नगर पालिका भर्ती घोटाले की चल रही गहन जांच में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए ममता सरकार में पूर्व मंत्री रहे सुजीत बोस को लंबी पूछताछ के उपरांत साल्ट लेक स्थित अपने कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुजीत बोस, अपने पुत्र समुद्र बोस के साथ, जांच एजेंसी के साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स कार्यालय में पहुंचे थे, जहाँ घंटों तक चली कड़ी पूछताछ के पश्चात उन्हें हिरासत में लिया गया।

दरअसल ईडी के अधिकारियों द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के अनुसार, उन पर नगर पालिका भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के माध्यम से प्राप्त धन से कई फ्लैट अर्जित करने का आरोप है, जिन्हें जांच एजेंसी सीधे तौर पर अपराध से जुड़ी संपत्ति यानी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम मानती है। इसके अतिरिक्त, उनके वाले बैंक खातों में भारी मात्रा में नकदी जमा होने के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं, जो इस घोटाले में उनकी संलिप्तता को और पुष्ट करते हैं। गिरफ्तारी के उपरांत, सुजीत बोस को आगामी प्रातःकाल विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जहाँ से उनकी न्यायिक हिरासत अथवा रिमांड का निर्धारण होगा।

11 मई को भी ईडी के समक्ष पेश हुए थे

यह पहली बार नहीं है जब बोस को इस कथित घोटाले के संबंध में केंद्रीय एजेंसी द्वारा तलब किया गया हो। पूर्व में, वे सोमवार, 11 मई 2026 को भी ईडी के समक्ष पेश हुए थे, जब वे अपने पुत्र समुद्र बोस के साथ पूर्वाह्न लगभग 10:30 बजे साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय पहुंचे थे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी सुजीत बोस को ईडी से कई नोटिस प्राप्त हुए थे, जिनमें से एक नोटिस तो उनके नामांकन पत्र दाखिल करने के दिवस, अर्थात छह अप्रैल को ही जारी किया गया था। इस पर, उन्होंने अपनी चुनाव प्रचार संबंधी व्यस्तताओं का हवाला देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में पेशी से छूट पाने हेतु याचिका दायर की थी। चुनाव संपन्न होने के पश्चात, बोस एक मई को सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित हुए थे।

200 करोड़ रुपये की अवैध उगाही का गंभीर आरोप

जांच एजेंसी ने पूर्व मंत्री बोस और उनके पुत्र के स्वामित्व वाले ठिकानों पर दो बार तलाशी अभियान चलाया था। इन तलाशी अभियानों के दौरान, जांचकर्ताओं ने ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करने का दावा किया है, जो इस मामले में उनकी प्रत्यक्ष संलिप्तता को दर्शाते हैं। यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगर पालिकाओं में अवैध रूप से 1800 से अधिक व्यक्तियों की नियुक्ति से संबंधित है, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये की अवैध उगाही का गंभीर आरोप है।

पत्नी, पुत्र एवं पुत्री को भी कई बार तलब किया

विधानसभा चुनाव से पूर्व भी ईडी ने इस कथित नगर निगम भर्ती अनियमितताओं के संबंध में सुजीत बोस के साथ-साथ उनकी पत्नी, पुत्र एवं पुत्री को भी कई बार तलब किया था, और परिवार के सदस्यों ने भी जांच प्रक्रिया में सहयोग किया था। पूर्व में, केंद्रीय बलों के साथ ईडी के अधिकारियों ने बोस से जुड़े कई स्थानों पर तलाशी ली थी, जिनमें उनका निजी आवास, कार्यालय और वीआईपी रोड के समीप स्थित उनके पुत्र का रेस्तरां भी सम्मिलित था।

सुजीत बोस ने पूर्व में चुनाव अवधि के दौरान ईडी की इस कार्रवाई की कटु आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि यह जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित है। उन्होंने अपने बचाव में यह भी कहा था कि ‘सुजीत बोस की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय नहीं है कि उन्हें धन कमाने हेतु नौकरियां बेचनी पड़ें। लोग इस तथ्य से भलीभांति परिचित हैं। यह चुनाव आयोग और ईडी की सोची-समझी साजिश है।’

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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