मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस का रुख इस विषय पर पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में संसद में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण बिल को उसी रूप में लागू किया जाना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने कहा कि अगर पीएम मोदी के कार्यकाल में महिला आरक्षण लागू नहीं होता है तो 2029 में जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे तब कांग्रेस 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मध्यप्रदेश विधानसभा की 230 सीटों पर महिला आरक्षण लागू कर 2028 के चुनाव कराए जाते हैं तो कांग्रेस इसका पूर्ण समर्थन करेगी। इसी तरह यदि लोकसभा की 543 सीटों पर महिला आरक्षण लागू कर आम चुनाव कराए जाते हैं, तब भी कांग्रेस पार्टी समर्थन में खड़ी रहेगी।
“राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर कांग्रेस लागू करेगी महिला आरक्षण”
जीतू पटवारी ने महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट और दृढ़ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे पर संसद में पार्टी का पक्ष रखा है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि बीजेपी के स्वर्णिम भारत के दावों का क्या हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि देश को नफरत और घृणा में बांटने वाली बीजेपी अब देश को पुरुष और महिला में बांटना चाहती है और सिर्फ नफरत फैलाना चाहती है।
कांग्रेस की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण लागू होता है तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी अन्यथा आगामी लोकसभा चुनावों के बाद जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे, तब कांग्रेस 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करेगी।
जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश यह जानना चाहता है कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये पर सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही। उन्होंने यह भी सवाल किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति भारत पर डिक्टेटरशिप क्यों रहे हैं। जीतू पटवारी ने पूछा कि बीजेपी के ‘स्वर्णिम भारत’ के दावों का क्या हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश को जाति, धर्म, प्रांत के आधार पर बांट दिया और अब पुरुष और महिला के आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रही है।






