मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आज सुबह 11 बजे से शुरू हो रहा है। सरकार इसे ‘नारी शक्ति वंदन’ के नाम पर बुला रही है लेकिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है। सत्र से पहले आज उमंग सिंघार के निवास पर मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश कांग्रेस आज विधानसभा में प्रस्ताव लाकर प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर महिलाओं को 33% आरक्षण देने की मांग रखेगी। इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिँघार, हेमंत कटारे, सोहन बाल्मीकि सहित सभी विधायक उपस्थित थे।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कहा है कि “सरकार जब भी विशेष सत्र बुलाती है तो किसी विशेष प्रायोजन के लिए होता है। लेकिन मुझे जानकारी मिली है कि इस बार सिर्फ निंदा प्रस्ताव पास कराने का मकसद है। मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र निंदा प्रस्ताव के लिए नहीं, बल्कि समाधान और ठोस फैसलों के लिए होना चाहिए। सदन की कार्यवाही में जनता के लाखों रुपये खर्च होते हैं। निंदा तो सरकार रोज मीडिया में करती रहती है। अगर विशेष सत्र है तो उसमें कुछ परिणाम निकलना चाहिए।”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि काग्रेस का मत एकदम साफ है। हम चाहते हैं कि मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों पर ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू होना चाहिए। यही स्थिति हर विधानसभा में होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा सच में महिलाओं को अधिकार देना चाहती है या सिर्फ निंदा और दिखावा करना चाहती है। उमंग सिंघार ने कहा है कि विधानसभा के इस विशेष सत्र में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा और बीजेपी की कथनी और करनी का फर्क जनता के सामने आ जाएगा।
मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र
बता दें कि आज मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह सत्र मुख्य रूप से ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान महिलाओं के विकास और उनके सशक्तिकरण को लेकर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव सदन में एक सरकारी संकल्प प्रस्तुत करेंगे जिसमें संसद व सभी राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण की मांग की जाएगी। साथ ही परिसीमन प्रक्रिया जल्द पूरा कर आरक्षण तत्काल लागू करने की बात कही जाएगी।हालांकि इस सत्र को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि आरक्षण लोकसभा में मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर ही लागू हो। विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी परिसीमन का हवाला देकर इस मुद्दे को टालने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने सत्र से पहले अपनी विधायक दल की बैठक भी बुलाई थी, जिसमें सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई।






