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जीतू पटवारी ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मिलने के लिए मांगा समय, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और निवेश परिणामों पर चर्चा की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा को लेकर कहा कि मध्यप्रदेश की जनता के पैसों से हुए सरकारी दौरों का परिणाम आंकड़ों और क्रियान्वयन के माध्यम से सामने आना चाहिए ताकि जनता का भरोसा मजबूत हो और निवेशकों में भी पारदर्शिता का संदेश जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएम से मुलाकात का उद्देश्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं बल्कि प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और जनता के विश्वास की बहाली है।
जीतू पटवारी ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मिलने के लिए मांगा समय, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और निवेश परिणामों पर चर्चा की मांग

Jitu Patwari

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात का समय मांगा है। उन्होंने सीएम को इस संदर्भ में एक पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि “मुख्यमंत्री जी, निवेश परिणामों का विवरण, विदेश दौरों की उपलब्धियों की जानकारी एवं प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर गंभीर चर्चा हेतु आप मुझे समय प्रदान करें, ताकि करप्शन और कमीशन की महामारी रोकने के लिए मैं अपने सुझाव साझा कर सकूं।”

इस पत्र में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में की गई कथित टिप्पणी “कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करते” का खासतौर पर उल्लेख है। जीतू पटवारी ने अपने पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सार्वजनिक करते हुए कहा है कि उनका उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक आलोचना नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और जनता का भरोसा बहाल करना है।

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मिलन का समय मांगा

मध्यप्रदेश की राजनीति में प्रशासनिक भ्रष्टाचार और निवेश परिणामों को लेकर सियासी तापमान तेज हो गया है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर उनसे प्रत्यक्ष मुलाकात के लिए समय मांगा है। इस पत्र में उन्होंने राज्य में हुए निवेश प्रयासों के वास्तविक परिणामों, विदेश दौरों की उपलब्धियों और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर सीधी और विस्तृत चर्चा की मांग की है।

विदेशी दौरे के आंकड़ों और निवेश प्रस्तावों को सार्वजनिक करने की मांग 

अपने पत्र में पटवारी ने मुख्यमंत्री को दावोस से स्वदेश लौटने पर बधाई देते हुए लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि मध्यप्रदेश के लिए घोषित निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार के लक्ष्य सिर्फ घोषणाओं तक सीमित न रहकर ठोस परिणामों के रूप में सामने आएंगे। उन्होंने लिखा है कि जनता के धन से किए गए सरकारी और विदेशी दौरों के नतीजे आंकड़ों, परियोजनाओं और ज़मीनी क्रियान्वयन के साथ सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि नागरिकों के साथ-साथ निवेशकों को भी यह भरोसा मिल सके कि राज्य में पारदर्शी और उत्तरदायी शासन व्यवस्था मौजूद है।

कहा ‘प्रशासनिक भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा आवश्यक’

पत्र का सबसे गंभीर हिस्सा प्रशासनिक भ्रष्टाचार से जुड़ा है। जीतू पटवारी ने लिखा है कि हाल ही में एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के दौरान राज्य के मुख्य सचिव द्वारा यह कथन सामने आया कि “मध्य प्रदेश में कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करते।” उन्होंने इस कथन को प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार के संस्थागत प्रवेश का प्रमाण बताया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि यदि जिला स्तर के शीर्ष अधिकारी ही लेन-देन के आधार पर काम करेंगे तो आम नागरिक की शिकायतों से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन, अनुमतियों, भुगतान, ठेकों और राहत कार्यों तक पूरी शासन व्यवस्था भ्रष्टाचार के चक्रव्यूह में फंस जाएगी। पत्र में उन्होंने लिखा कि वो ये बात सिर्फ राजनीतिक आलोचना के उद्देश्य से नहीं कह रहे हैं बल्कि उनका लक्ष्य राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना, जनता को न्याय दिलाना और शासन में पारदर्शिता स्थापित करना है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री से इन सारे मुद्दों पर चर्चा और सुझाव देने के लिए मिलने का समय मांगा है।