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कमलनाथ ने BJP पर OBC का 27% आरक्षण षड्यंत्रपूर्वक समाप्त करने के आरोप लगाये, प्रदेश सरकार से की ये मांग

कमलनाथ ने कहा 2020 से प्रदेश में भाजपा की सरकारें हैं, इन 6 साल में भाजपा ने जानबूझकर ओबीसी जनसंख्या के सही आंकड़े न्यायालय के सामने नहीं रखे।
Kamal Nath allegations BJP

Kamal Nath allegations BJP

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा कल शुक्रवार को दियीक महत्वपूर्ण फैसले में OBC को 27% आरक्षण देने वाली याचिकाएं ख़ारिज कर दी और होल्ड किये गए 13 प्रतिशत पदों पर तीन महीने में नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं इसके बाद से कांग्रेस नाराज है, वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हाई कोर्ट  से आये फैसले पर भाजपा को घेरा है।

कमलनाथ ने कहा, मध्य प्रदेश में OBC वर्ग को 2019 में मेरी सरकार द्वारा दिया गया 27% आरक्षण षड्यंत्रपूर्वक समाप्त करने के बाद भारतीय जनता पार्टी “चोरी और सीना जोरी” की राजनीति पर उतर आई है। सच्चाई यह है कि मेरी सरकार ने जनता की भलाई के लिए आरक्षण दिया था। आरक्षण की रक्षा करना सरकार की ज़िम्मेदारी होती है। लेकिन उसके बाद बनी भाजपा सरकारों ने कोर्ट के सामने सच्चाई रखी ही नहीं।

मेरी सरकार ने संवैधानिक तरीके से दिया 27% OBC आरक्षण: कमलनाथ 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,  भाजपा नेताओं के बयान में यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि तब कांग्रेस सरकार ने जल्दबाजी में आरक्षण दिया। इस तरह के भ्रामक बयान अदालत के आदेश की ग़लत व्याख्या और अवमानना की तरह हैं। सच्चाई यह कि कांग्रेस सरकार ने 2019 में मध्य प्रदेश विधानसभा में क़ानून पास करके ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण दिया था, जो पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करके दिया गया था।

OBC का पक्ष अदालत में सही ढंग से नहीं रखने के आरोप

कमलनाथ ने कहा 2020 से प्रदेश में भाजपा की सरकारें हैं, इन 6 साल में भाजपा ने जानबूझकर ओबीसी जनसंख्या के सही आंकड़े न्यायालय के सामने नहीं रखे।  भाजपा सरकार की ज़िम्मेदारी थी कि वह अदालत में मामले को पुरज़ोर ढंग से रखें, लेकिन भाजपा नेताओं के बयानों से लगता है कि 2019 में हमने जो आरक्षण दिया उसके बाद से उस आरक्षण के संरक्षण के लिए भाजपा ने कुछ नहीं किया।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने और विधानसभा से कानून बनाने की मांग 

कांग्रेस नेता ने कहा अगर भाजपा नेता जो कह रहे हैं उसे सच मान लें तो स्पष्ट है कि भाजपा ने पिछले 6 साल में अदालत के सामने ओबीसी का पक्ष रखा ही नहीं है। कमलनाथ ने कहा अगर, भाजपा में ओबीसी वर्ग के प्रति जरा भी संवेदनशीलता है तो तुरंत सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाए और साथ ही विधानसभा में नया कानून पारित कर 27% आरक्षण बहाल करे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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