कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में किसानों की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश का किसान इस समय चौतरफा मार झेल रहा है। एक तरफ गेहूं की तैयार फसल है तो दूसरी ओर प्राकृतिक आपदा और सरकारी देरी से हालात और खराब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार की नीयत में खोट है। सरकार जानबूझकर किसानों को संकट में धकेल रही है और किसानों पर अत्याचार कर रही है।”
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है, लेकिन किसान उसे बेच नहीं पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बारदाने (बोरी) की कमी का हवाला देकर 10 अप्रैल से पहले गेहूं खरीदी शुरू नहीं कर रही है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कमलनाथ ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के किसानों की मौजूदा समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश के किसान पर चौतरफा मार पड़ रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में फिर बारिश की आशंका है। इसके बावजूद सरकार तत्काल गेहूं की खरीदी शुरू नहीं कर रही। कांग्रेस नेता ने कहा कि “असल में सरकार की नीयत में खोट है। भाजपा चाहती है कि किसान जल्दबाजी में बिचौलियों को सस्ते दामों पर फसल बेच दें, ताकि सरकार को MSP पर कम गेहूं खरीदना पड़े। ”
एमएसपी पर गेंहू खरीदी शुरु करने की मांग
उन्होंने कहा है कि गेहूं की फसल तैयार होने के बावजूद किसान इसे बेच नहीं पा रहे, क्योंकि सरकार बारदाने की कमी का हवाला देकर 10 अप्रैल से पहले खरीदी शुरू करने को तैयार नहीं है। कमलनाथ ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों ने लगभग 160 लाख टन गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है, जबकि केंद्र सरकार ने राज्य के लिए करीब 78 लाख टन खरीदी की सीमा तय की है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी के साथ उन्होंने सरकार से मांग की है कि तत्काल एमएसपी पर गेहूं की खरीदी शुरू की जाए।






