कमलनाथ ने मध्यप्रदेश सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार सिर्फ घोषणा करती है लेकिन किसानों के लिए काम कुछ नहीं करती है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार कृषक कल्याण वर्ष मनाने का दावा कर रही है लेकिन असलियत ये है कि प्रदेश में किसान की स्थिति जस की तस है।
पूर्व सीएम ने गेंहू खरीद, एमएसपी, किसान कर्ज माफी सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मंचीय कार्यक्रम और भाषणबाजी से किसान का कुछ भला नहीं हो रहा है और अब ये बात प्रदेश के अन्नदाता भी समझ गए हैं।
कमलनाथ ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
कमलनाथ ने प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किए जाने को सिर्फ कोरी घोषणा करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है, जबकि किसानों के हित में जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा। कांग्रेस नेता ने कहा कि कमलनाथ ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने ‘अन्नदाता मिशन’ शुरू किया था, लेकिन वर्तमान सरकार सिर्फ नाम बदलकर योजनाओं का प्रचार कर रही है।
एमएसपी, कर्ज माफी सहित अन्य मुद्दों पर किए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार अब तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं कर पाई है, जिसके कारण किसान अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बेचने को मजबूर हैं। इसके साथ ही उन्होंने किसान कर्ज माफी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि सरकार के तीन साल पूरे होने के बावजूद किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया है। उन्होंने MSP की गारंटी को लेकर भी सवाल उठाए और कहा आज भी किसान मक्का, मूंग जैसी प्रमुख फसलों को उचित मूल्य पर नहीं बेच पा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सब्जी की फसल के गिरते दाम का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्याज, लहसुन और टमाटर जैसी फसलों के भाव पिछले साल की तुलना में आधे रह गए, लेकिन सरकार ने किसानों को कोई राहत या समर्थन नहीं दिया। कमलनाथ ने सरकार के ‘किसानों की आय दोगुनी’ करने के दावे को भी विफल बताया। उन्होंने कहा कि अब तक किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है और सरकार केवल प्रचार और कार्यक्रमों तक सीमित है। कांग्रेस नेता सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वास्तव में किसानों का कल्याण करना है तो कृषि विभाग का बजट 2-3 गुना बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान इस सारी स्थितियों को देख रहा है और वो इसका करारा जवाब देगा।






