भोपाल और सीहोर के बीच स्थित कुबरेश्वर धाम एक बार फिर आस्था के विशाल केंद्र के रूप में तैयार हो रहा है। जैसे-जैसे रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में लाखों लोग यहां पहुंचेंगे।
भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। हाईवे पर जाम न लगे और श्रद्धालुओं को धाम तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए पूरे इलाके में ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया जा रहा है, जो कई दिनों तक प्रभावी रहेगा।
कुबरेश्वर धाम में आस्था का बड़ा आयोजन, बढ़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
कुबरेश्वर धाम पिछले कुछ वर्षों में देशभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक केंद्र बन चुका है। रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा के दौरान यहां भारी संख्या में लोग दर्शन और कथा श्रवण के लिए पहुंचते हैं।
इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। आयोजन को सुव्यवस्थित रखने के लिए विट्ठलेश सेवा समिति और प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। कथा स्थल पर विशाल पंडाल, भोजन व्यवस्था, पेयजल और पार्किंग की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्लान तैयार किया है।
12 फरवरी से लागू होगा नया ट्रैफिक प्लान
रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान सबसे बड़ी चुनौती हाईवे पर ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करना होती है। इस कारण प्रशासन ने 12 फरवरी सुबह 6 बजे से 21 फरवरी सुबह 6 बजे तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस दौरान भारी वाहनों को धाम की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग से हटाकर वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं के वाहनों को बिना रुकावट धाम तक पहुंचाया जा सके। पुलिस का कहना है कि यह बदलाव अस्थायी है और केवल आयोजन अवधि तक लागू रहेगा।
भारी वाहनों के लिए अलग रूट तय
भोपाल से इंदौर की ओर जाने वाले ट्रक और अन्य भारी वाहन अब सीधे हाईवे से नहीं गुजरेंगे। इन्हें परवलिया मुबारकपुर और खजूरी तुमड़ा जोड़ से डायवर्ट कर श्यामपुर, कुरावर, ब्यावरा और शाजापुर के रास्ते मक्सी और देवास की ओर भेजा जाएगा। इसी तरह इंदौर और देवास की ओर से भोपाल जाने वाले भारी वाहन भी मक्सी, शाजापुर और ब्यावरा होते हुए श्यामपुर के रास्ते भोपाल पहुंचेंगे। इस बदलाव से हाईवे पर भीड़ कम होगी और धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर दबाव घटेगा।
कार और बसों के लिए भी बदला मार्ग
भोपाल से इंदौर जाने वाली निजी कारों और यात्री बसों के लिए भी नया मार्ग तय किया गया है। अब वाहन सीहोर के न्यू क्रिसेंट चौराहे से भाऊखेड़ी जोड़ और अमलाहा होते हुए आष्टा के रास्ते इंदौर जा सकेंगे। वापसी का मार्ग भी यही रहेगा। इससे मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा अधिक सुगम बन सकेगी।
श्रद्धालुओं को मिलेगा सीधा मार्ग और बड़ी पार्किंग
सबसे राहत की बात यह है कि कुबरेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं को किसी डायवर्जन से नहीं गुजरना होगा। उनके निजी वाहन सीधे कथा स्थल तक पहुंच सकेंगे। धाम परिसर के पास बड़ी पार्किंग तैयार की गई है, जहां हजारों वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था है। पार्किंग स्थल पर सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए पुलिस और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।
रेलवे स्टेशन पर भी भीड़ संभालने की तैयारी
कई श्रद्धालु ट्रेन से भी कुबरेश्वर धाम पहुंचते हैं। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन और पुलिस ने भी विशेष व्यवस्था की है। रेलवे स्टेशन पर अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, जहां यात्रियों के लिए पेयजल, रोशनी और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। ट्रेनों की स्थिति की लगातार घोषणा की जाएगी ताकि भीड़ एक जगह इकट्ठी न हो। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस स्टेशन परिसर में तैनात रहेंगे।
स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी मिलेगा फायदा
ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों का असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखता है। होटल, ढाबे, दुकानों और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को इस आयोजन से सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पिछले आयोजनों के दौरान भी शहर में कारोबार काफी बढ़ा था और इस बार भी वही उम्मीद की जा रही है।
प्रशासन की सबसे बड़ी परीक्षा
इतनी बड़ी भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संभालना प्रशासन के लिए आसान काम नहीं होता। ट्रैफिक नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन इन सबको एक साथ संभालना बड़ी चुनौती है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।





