अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से 4 नवंबर तक बादल-बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। इसका ज्यादा प्रभाव रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों पर देखने को मिलेगा।  इस दौरान दिन के तापमान में गिरावट और रात के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। रविवार, 1 नवंबर को 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

शुक्रवार- शनिवार के दरम्यािन जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, राजगढ़, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड और दतिया में बारिश हुई।

मुरैना में 31 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। रीवा, सतना, पचमढ़ी, उमरिया, ग्वालियर और दतिया में दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। वहीं कई जिलों में रात के तापमान में वृद्धि देखने को मिली।

रविवार को कहां-कहां होगी बारिश

  • सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बादल छाने के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है।
  • भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर और सागर समेत प्रदेश के कई जिलों में मौसम साफ रहेगा, हालांकि कहीं-कहीं बादल छा सकते हैं।

4-5 नवंबर तक ऐसा ही रहेगा मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान अर्णब के अवशेष के रूप में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है जिसके असर से उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। । यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की शाम के आसपास आंध्र प्रदेश तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है। एक पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में, माध्य समुद्र तल से 4.5 किमी की ऊंचाई पर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

एक नया पश्चिमी विक्षोभ, मध्य व ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी पवनों में ट्रफ के रूप में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर अवस्थित है।  इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से 4-5 नवंबर तक बादल बारिश की स्थिति बनी रहेगी, इसके बाद गतिविधियों में कमी देखने को मिलेगी। नवंबर के दूसरे हफ्ते से ठंड का असर बढ़ने का अनुमान है।

बता दें कि मानसून की विदाई के बाद चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ क चलते मध्य प्रदेश में बादल-बारिश की स्थिति बनी है। इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर 2026 यानि 100 दिन मध्य प्रदेश में सक्रिय रहा। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है लेकिन इस अवधि में 35.8 इंच (95.9%) बारिश हुई। इन आंकड़ों के हिसाब से इस साल प्रदेश में करीब 4% यानि 1.5 इंच बारिश कम हुई। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया लेकिन 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई।