डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे मध्य प्रदेश के मेधावी छात्रों के लिए अच्छी खबर है।
नीट मेरिट में स्थान पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्य प्रदेश में मेडिकल शिक्षा सस्ती हो सकती है। खबर है कि मोहन सरकार फीस में एक-तिहाई कटौती करने की तैयारी में है।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ने से भी मेरिट में आने वाले ज्यादा छात्रों को सरकारी और निजी कॉलेजों में एडमिशन का मौका मिल सकेगा। बता दें कि वर्ष 2023 के मुकाबले 2026 में मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,345 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। इस वृद्धि के बाद मेरिट कोटे की सीटें 4,315 से बढ़कर 4,520 हो गई हैं, यानी मेरिट छात्रों के लिए कुल 205 अतिरिक्त सीटें बढ़ी हैं।
इससे मेरिट में आए नीट एस्पिरेंट को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी हुई सीट संख्या और कम फीस का दोहरा लाभ मिल सकेगा। वहीं, मैनेजमेंट कोटे के तहत छात्रों का एडमिशन नीट मेरिट के आधार पर राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली काउंसलिंग के माध्यम से किया जाएगा यानि सीधे कॉलेज स्तर पर एडमिशन नहीं होगा। इससे एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और योग्य छात्रों को अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।
2023 के मुकाबले 2026 में बढ़ीं मेडिकल सीटें
- बता दें कि वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल 4,675 सीटें थीं। इनमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2,275 और निजी कॉलेजों में 2,400 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें से मेरिट छात्रों के लिए कुल 4,315 सीटोंमें से सरकारी कॉलेजों में 2,215 और निजी कॉलेजों में 2,040 सीटें मेरिट कोटे में रखी गई थीं।
- वर्ष 2026 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की कुल सीटें बढ़कर 6,020 (सरकारी कॉलेजों में 3,020 व निजी में 3,000 सीट) हो गई हैं। इनमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 3,020 सीटें और निजी मेडिकल कॉलेजों में 1,500 सीटें मेरिट छात्रों के लिए रखी गई हैं।
- वर्ष 2023 के मुकाबले 2026 में मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,345 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि मेरिट कोटे की सीटें 4,315 से बढ़कर 4,520 हुई हैं, यानी मेरिट छात्रों के लिए कुल 205 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं।






