शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी पर मनरेगा बचाने के नाम पर भ्रष्टाचार को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि “कांग्रेस को ग्राम, काम और राम से परेशानी है। इसपर पलटवार करते हुए एमपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी मनरेगा में एक की बजाय दो बार भगवान राम का नाम जोड़ दे, लेकिन पहले ये बताए कि राज्य सरकारों पर चालीस प्रतिशत व्यय भार डालने के बाद योजना कैसे चलेगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी उनपर जनता को गुमराह करने का आरोप लगा रही है लेकिन वास्तविकता ये है कि बीजेपी सरकार लोगों को भ्रमित कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि कर्ज में डूबी मध्यप्रदेश सरकार आखिर किस तरह ‘जी राम जी’ योजना की चालीस फीसदी राशि वहन कर पाएगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा है कि वो मनरेगा बचाने के नाम पर भ्रष्टाचार की रक्षा कर रही है। कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ आंदोलन के खिलाफ बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह अभियान मनरेगा से ग्रामीण हितों की रक्षा नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के संरक्षण के लिए है। उन्होंने बोला कि कांग्रेस को “ग्राम, काम और राम से परेशानी” है और पार्टी का उद्देश्य विभाजनकारी नीतियों के सहारे भ्रम फैलाना है।
जीतू पटवारी का बीजेपी पर पलटवार
उनके इस आरोप पर पलटवार करते हुए जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौहान को बहस की चुनौती दी है। पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि ” शिवराज सिंह चौहान जी का कहना है कि उन्होंने मनरेगा का नाम ‘जी राम जी’ कर दी है इसपर कांग्रेस को समस्या है। श्री राम पूरी दुनिया के आराध्य है। धरती पर कण कण के आराध्य हैं भगवान राम। हमारे देश में पचास प्रतिशत लोगों के नाम राम से शुरु होते है। शिवराज जी आप लोगों को भ्रमित मत कीजिए। आपको बताना पड़ेगा कि आपने योजना में चालीस प्रतिशत राशि राज्य के सुपुर्द कर दी है। क्या मध्यप्रदेश शासन की अर्थव्यवस्था अनुमति देती है मनरेगा का चालीस प्रतिशत पैसा देना। जो सरकार रोज़ दो सौ करोड़ कर्ज लेती है, हजारों करोड़ खर्च लिए जा रहे हैं। सरकार संपत्तियां बेच रही है। इतनी देनदारियां देनी है। सीएम मोहन यादव को आर्थिक मैनेजमेंट और इकोनॉमिकल बैलेंस करना नहीं आता। कैसे हम आय बढ़ाए और खर्च घटे इसपर मुख्यमंत्री की कोई सोच ही नहीं है। ऐसे में कैसे वो चालीस प्रतिशत देंगे”।
जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौहान को दी चुनौती
उन्होंने इसपर बहस की चुनौती देते हुए कहा है कि “शिवराज जी..मैं आपको चुनौती देता हूं। मैं आपके पास आना चाहता हूं और मनरेगा को लेकर आपसे बात करना चाहता हूं। मनरेगा में जी राम जी की जगह और दो बार और भगवान राम के नाम ले लें, इसपर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन आपने योजना का कत्ल कर दिया है ये मैं बता दूंगा। आप कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर देश को गुमराह कराने का आरोप लगाते हैं लेकिन गुमराह आप कर रहे हैं। आपने जिस तरह से योजना में चालीस प्रतिशत राज्य शासन का पैसा डालने का प्रावधान किया, उसी दिन सीधा मैसेज दिया कि आप योजना खत्म करना चाहते हैं।” कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि उनकी पार्टी ये बात घर घर जाकर मजदूरों को, ग्रामीणों को, किसानों को बताएगी।





