भोपाल: मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित अपने निवास कार्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण लोकार्पण और विमोचन किए। उन्होंने उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (IEHE), भोपाल के छात्रों द्वारा विकसित ‘फसल केयर ऐप’ लॉन्च किया। इसके साथ ही संस्थान के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों द्वारा रचित पुस्तकों एवं संस्थान गान का भी विमोचन किया गया।
यह कार्यक्रम संस्थान द्वारा आयोजित ‘एकेडेमिया-इण्डस्ट्रीज रिसर्च इन्टरफेस-3’ के तहत आयोजित किया गया था। इस अवसर पर मंत्री ने छात्रों और शिक्षकों के नवाचार की सराहना की और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर जोर दिया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति से राष्ट्र का पुनर्निर्माण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री परमार ने कहा कि भारत की अपनी एक समृद्ध शिक्षा पद्धति थी, जिसके कारण देश को विश्वगुरु की संज्ञा मिली थी। उन्होंने कहा कि अतीत में योजनाबद्ध तरीके से हमारी ज्ञान परंपरा को दूषित करने का प्रयास किया गया।
“राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने अपने पुरुषार्थ, गौरवशाली इतिहास और पूर्वजों के ज्ञान से प्रेरणा लेकर, पुनः भारत केंद्रित शिक्षा के माध्यम से, राष्ट्र के पुनर्निर्माण का सौभाग्यशाली अवसर दिया है।” — इन्दर सिंह परमार, उच्च शिक्षा मंत्री
उन्होंने कहा कि हमें गर्व के साथ भारतीय ज्ञान को वैश्विक मंच पर पुनः स्थापित करना होगा। उन्होंने छात्रों को भारतीय मूल्यों के साथ अध्ययन कर समाज की समस्याओं का समाधान करने वाला श्रेष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
‘फसल केयर ऐप’ और नवाचारों की सराहना
मंत्री परमार ने संस्थान के कृषि विभाग द्वारा तैयार ‘फसल केयर ऐप’ का लोकार्पण किया। यह ऐप फसलों में होने वाले रोगों की पहचान करने के साथ-साथ उनकी रोकथाम के लिए जैविक और रासायनिक उपाय सुझाता है।
इस ऐप को कृषि विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार भारद्वाज, डॉ. स्मिता राजन, डॉ. शुभम मिश्रा और डॉ. प्रियंका गुर्जर के मार्गदर्शन में छात्रों ने तैयार किया है। मंत्री ने छात्रों द्वारा बनाए गए जैविक उत्पादों जैसे जीवामृत और बीजामृत का भी अवलोकन किया और उनके प्रयासों को सराहा।
पुस्तकों और संस्थान गान का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मंत्री परमार ने कई पुस्तकों का विमोचन किया। इनमें संस्थान के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों द्वारा रचित एक पुस्तक भी शामिल थी, जिसका संकलन डॉ. रूचिरा चौधरी, डॉ. अंजलि आचार्य और डॉ. अखिलेश शेण्डे ने किया है।
इसके अलावा, अक्टूबर 2025 में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘आई.सी.ई.टी. प्लस-2025’ के व्याख्यानों के संकलन का भी विमोचन किया गया। इस दौरान संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से रचित ‘संस्थान गान’ की भी छात्राओं ने संगीतमय प्रस्तुति दी। इस अवसर पर IEHE के निदेशक डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल सहित कई प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित थे।





