भोपाल। बसपा की विधायक रामबाई इन दिनों बेहद दुखी हैं ।उनकी पीड़ा यह है कि सरकार ने जो वादे किए थे वह पूरे नहीं हो रहे ।सहकारी बैंक कंप्यूटर ऑपरेटर संविदा महासंघ के प्रतिनिधि मंडल से बुधवार भोपाल में रामबाई से मुलाकात की और उनसे कहा कि सरकार मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत उन्हे हटा रही है और यदि हम सब की सेवा वद्दि नहीं की जाती तो परिवार के सहित भीख मांगने की स्थिति में पहुंच जाएंगे। इस पर रामबाई बोली “सब मर जाएं। सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। सरकार के पास उपाय होता तो चीन जैसी बीमारी(कोरोना) फैला दें ।मंत्री कमलनाथ के होते हुए ऐसा क्यों हो रहा यह समझ से परे है ।मैं जब जब भी उनसे दो मिनट के लिए मिलती हूं, अपने बजाऐ आपकी बात करती हूं ।सरकार आने के पहले कांग्रेस ने कहा था कच्चे-पक्के किए जाएंगे लेकिन लगता है कि सब को हटा कर ही मानेंगे।” उल्लेखनीय है कि पार्टी द्वारा जारी की गई वचन पत्र के बिंदु क्रमांक 47 16 एवं 47 48 में संविदा कर्मियों की सेवा को नियमित करके किसी भी कर्मचारी को सेवा से पृथक करने का वचन दिया गया था। बावजूद इसके सहकारी बैंक संविदा लिपिक कंप्यूटर ऑपरेटर कर्मचारियों की सेवाएं 17. 2.2020 के द्वारा समाप्त कर दी है। ऐसे कुल 630 कर्मचारी हैं ।मंत्री पर तंज कसते हुए राम भाई ने कहा कि मंत्री डा.गोविंद सिंह के खुद बच्चे हैं, वह ऐसा क्यों कर रहे हैं .भोपाल में सरकार बिजनेस चला रही है .इसे निकालो उसे भर्ती करो ।यह सरकार कांग्रेस की नहीं ,कमलनाथ की है सारे अधिकारी बीजेपी माउन्ड है। मंत्रियों की समझ में नहीं आ रहा कि अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे हैं।
विधायक रामबाई बोली ,सब मर जाएं, सरकार को क्या फर्क पड़ता है
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →





