मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के ग्राम जगदीशपुर (पुराना नाम इस्लाम नगर) में रविवार, 19 जुलाई 2026 को एक विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई गई है। इसमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे को आधिकारिक मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में पेश किए जाने वाले 8 अन्य विधेयकों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है।
20 जुलाई से शुरू हो रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इस विधेयक को सदन में पेश होने की प्रबल संभावना है। यह विधेयक एक देश-एक विधान-एक प्रधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव, मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी 2 बसों में सवार होकर जगदीशपुर पहुंचेंगे। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इस बार सामूहिक यात्रा की व्यवस्था की गई है।
इन विधेयकों को भी मिल सकती है मंजूरी
कैबिनेट बैठक में यूसीसी के अलावा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन, निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन से जुड़ा विधेयक, मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक-2026, मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक-2026, मध्यप्रदेश नागरिक सुरक्षा संहिता (संशोधन) विधेयक-2026, मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक-2026, मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) विधेयक-2026 सहित अन्य प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है।
जगदीशपुर में 8वीं डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक
बता दें कि अबतक जबलपुर (शक्ति भवन), दमोह (सिंग्रामपुर के वीरांगना रानी दुर्गावती के सम्मान), महेश्वर (लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी ), इंदौर के राजवाड़ा (लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का 300 वें जयंती वर्ष), पचमढ़ी (राजभवन में राजा भभूत सिंह के शौर्य को समर्पित), खजुराहो (महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर) और बड़वानी (जनजातीय बहुल क्षेत्र भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी) में कैबिनेट बैठक हो चुकी है। आज जगदीशपुर में 8वीं डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होने जा रही है।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) 3 खंड का फाइनल प्रतिवेदन
- UCC का मसौदा तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी थी। यह रिपोर्ट 3 खंडों में तैयार की गई है, जिसमें 4 भाग, 404 धाराएं (Sections) और 7 अनुसूचियां शामिल हैं।
- पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है।
- प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है।
- समिति ने सबसे महत्वपूर्ण सिफारिश यह की है कि मध्य प्रदेश की अनुसूचित जनजातियों को प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रखा जाए, ताकि उनकी विशिष्ट सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराएं प्रभावित न हों।
- इस कानून को लेकर सरकार को जनता से 9.58 लाख से अधिक सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश ने इसका समर्थन किया है।
मुख्यमंत्री 10.54 लाख किसानों के खातों में 1460.25 करोड़ जारी करेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जगदीशपुर से 10.54 लाख किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि 1460.25 करोड़ भी अंतरित करेंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आरंभ वर्ष से वर्ष 2024-25 तक 30,942.34 करोड़ रूपये का भुगतान प्रभावित कृषकों को किया गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी एवं महत्वपूर्ण योजना है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने पर कृषकों को बीमा दावा भुगतान कर उनके वित्तीय हितों की रक्षा करना ही इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।






