मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर विपक्ष सक्रिय हो गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार, घोटालों, माफिया राज और अन्य जनहित के मुद्दों पर अपनी शिकायतें और सवाल उन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि वे सारे नाम गोपनीय रखते हुए इन मुद्दों को सदन में उठाएंगे।
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो जारी करते हुए लिखा है कि वे जनता की आवाज़ को सदन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि वो जानकारियां, दस्तावेज, वीडियो, फोटो उन्हें भेजें। इसके लिए उन्होंने मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस भी दिया है।
मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र
मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह 16वीं विधानसभा का 11वां सत्र होगा। पांच दिवसीय सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। इस दौरान सदन की कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें शासकीय विधायी और वित्तीय कार्यों के अलावा प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी। इस सत्र में वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश किए जाने की भी संभावना है। इस सत्र में सरकार समान नागरिक संहिता विधेयक भी ला सकती है।
उमंग सिंघार की जनता से अपील
सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार, घोटालों, माफिया राज और अन्य जनहित के मुद्दों पर अपनी बात और शिकायतें सीधे उनके माध्यम से विधानसभा तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश की जनता अब चुप नहीं रहेगी। यह सिर्फ एक अपील नहीं, बल्कि जवाबदेही का अभियान है।” कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्यप्रदेश का हर नागरिक उनके माध्यम से भ्रष्टाचार, घोटालों, माफिया राज और जनहित से जुड़े हर मुद्दे पर अपनी बात सीधे विधानसभा तक पहुंचा सकेगा और भाजपा सरकार की कुव्यवस्था पर सवाल उठा सकेगा। उन्होंने कहा कि “अपना सवाल दिए गए माध्यम से मुझे भेजिए, आपकी आवाज़ विधानसभा तक पहुंचेगी।” इसी के साथ उन्होंने जनता के लिए मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस जारी किया है जिसपर लोग अपनी शिकायतें या अन्य बात पहुंचा सकते हैं।






