मध्य प्रदेश भाजपा की नवगठित कोर कमेटी की पहली महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार रात (14 अप्रैल 2026) को मुख्यमंत्री आवास पर संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश की आगामी राजनीतिक दिशा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और संगठनात्मक मुद्दों पर मंथन किया गया। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा ‘नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक 2026’ को लेकर हुई।
इसके लिए संसद के विशेष सत्र से पहले प्रदेश स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई है। तय किया गया कि अधिनियम को लेकर पार्टी के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी जनता से संवाद करेंगे। इसके माध्यम से महिलाओं के बीच अपनी पैठ और मजबूत करने की योजना है, ताकी आगामी चुनावों में इसका लाभ मिल सके।
इसके अलावा समान नागरिक संहिता (UCC) को प्रदेश में लागू करने पर भी चर्चा की गई। संगठन और सरकार के अब तक के कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य फोकस संगठन की मजबूती और सरकार के आगामी बड़े कदमों पर रहा। आगामी महीनों में होने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी प्रारंभिक चर्चा की गई । केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के इंतजार के चलते निगम-मंडलों में नियुक्तियों पर कोई चर्चा नहीं हुई। संभावना है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है
बैठक में सीएम मोहन यादव के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला शामिल हुए, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, सांसद लता वानखेड़े, पूर्व सांसद फग्गन सिंह कुलस्त, पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और पूर्व मंत्री अरविंद भजौरिया भी मौजूद रहे। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बिहार के राजनीतिक घटनाक्रमों में व्यस्तता के कारण (बिहार पर्यवेक्षक) बैठक में शामिल नहीं हो सके। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तय कार्यक्रम के अनुसार बैठक समाप्त होने से पहले ही दिल्ली रवाना हो गए। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्ग्य दिल्ली से लौटने के कारण देरी से शामिल हुए। बैठक के बाद सभी नेताओं ने मुख्यमंत्री निवास में रात्रि भोजन किया।






