भोपाल। एमपी (MP) में उपचुनाव (BY Election) से पहले तोड़फोड़ का सिलसिला जारी है। एक के बाद एक विधायक कांग्रेस (congress) छोड़ बीजेपी (bjp) में शामिल हो रहे है। सुमित्रा देवी और प्रदुम्नन सिंह लोधी के बाद कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई थी, जिसके बाद माना जा रहा था कि अब टूटन का सिलसिला बंद हो जाएगा, लेकिन गुरुवार को अचानक अरुण यादव खेमे के कांग्रेस विधायक नारायण पटेल (Narayan Patel) के बीजेपी मे शामिल होने के बाद सियासी पारा चरम पर है।आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में अब कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव (Arun Yadav, the Congress leader and former Union Minister) का बयान सामने आया है।
यादव ने ट्वीटर के माध्यम से बीजेपी पर हमला बोला है।यादव का कहना है कि यदि खरीद फ़रोख़्त का यह धंधा इसी प्रकार जारी रहा तो आगामी उपचुनाव में दोनों ओर से कांग्रेस के ही प्रत्याशी परस्पर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ दरियां ही बिछाएंगे ?पार्टी विद-ए-डिफरेंस का थोथा दावा करने वाली भाजपा ऐसे कुकृत्यों से अंग्रेजों से लड़ चुकी पार्टी और उसके निष्ठावान कार्यकर्ताओं के जज़्बाती मनोबल को तोड़ नहीं पाएगी।
आगे यादव ने लिखा है कि भाजपा सत्ता की भूखी सरकार और विचारधारा प्रदेश मे उपचुनाव के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित है,एक लोकतांत्रिक निर्वाचित सरकार को सौदेबाज़ी कर उसने सत्ता की चाबी तो हथिया ली है किंतु उपचुनाव परिणाम उस पर ताला लगा देगे,यही आशंका उसे तोड़फोड़ व खरीद फरोख्त करने के लिए मजबूर कर रही है।
बता दे कि गुरुवार को खंडवा जिले की मांधाता से कांग्रेस विधायक नारायण पटेल ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली थी। हैरानी की बात ये है कि एक दिन पहले ही अरुण यादव की पटेल से बात हुई थी और उन्होंने सब कुशल होने की बात कही थी, लेकिन गुरुवार को अचानक घटे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस में हड़कंप मच गया है।
यदि खरीद फ़रोख़्त का यह धंधा इसी प्रकार जारी रहा तो आगामी उपचुनाव में दोनों ओर से कांग्रेस के ही प्रत्याशी परस्पर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ दरियां ही बिछाएंगे ?
— Arun Subhash Yadav (@MPArunYadav) July 24, 2020






