मध्य प्रदेश के बिजली कंपनी में कार्यरत 6,500 संविदा कर्मचारियों के लिए राहतभरी खबर है। ऊर्जा विभाग ने “संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना-2026” लागू करने का फैसला लिया है। इससे प्रदेश की बिजली कंपनियों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित पदों पर आने का अवसर मिलेगा।
योजना के तहत एक परीक्षा के माध्यम से कर्मचारियों को नियमित होने का मौका मिलेगा। खास बात ये है कि इसमें अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर बोनस अंक भी मिलेंगे और मेरिट लिस्ट बनेगी। हालांकि प्रत्येक कर्मचारी को परीक्षा देने का केवल एक ही अवसर मिलेगा। इस आदेश के क्रियान्वयन के लिए संबंधित कंपनियों के प्रबंध संचालकों को अधिकृत किया गया है। सभी बिजली कंपनियों को 31 अक्टूबर तक परीक्षा कराकर, रिजल्ट जारी कर चयन प्रक्रिया पूरी कर सरकार को रिपोर्ट सौंपनी होगी।
100 नंबर की होगी परीक्षा, मिलेंगे बोनस अंक
इसके लिए 100 अंकों की विभागीय परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (SC/ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए न्यूनतम 40 अंक लाना अनिवार्य होगा। सामान्य वर्ग (General Category) के लिए न्यूनतम 50% (50 अंक) रखें गए हैं। परीक्षा में अर्हता अंक प्राप्त करने के बाद कर्मचारियों को उनके कार्य अनुभव के आधार पर अधिकतम 30 बोनस अंक प्रदान किए जाएंगे। पहले 2 साल के अनुभव पर 10 नंबर मिलेंगे और उसके बाद हर 1 साल के अनुभव के लिए 2-2 नंबर जुड़ते चले जाएंगे।
इन पदों पर दे सकेंगे परीक्षा
संविदा पर कार्यरत लाइन अटेंडेंट, टेस्टिंग अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
कौन है योजना के लिए पात्र
इस योजना का लाभ ऊर्जा विभाग के अंतर्गत कार्यरत पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के पात्र संविदाकर्मियों को मिलेगा। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को इस योजना से बाहर रखा गया है।
नियम शर्ते पात्रता
- पात्रता के लिए योजना स्वीकृति की तिथि तक संबंधित कंपनी में कम से कम 2 वर्ष की संविदा सेवा पूरी करना अनिवार्य है।
- पात्र संविदा कर्मियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ-साथ संविदा सेवा अवधि (अनुभव) के आधार पर बोनस अंक जोड़कर अंतिम मेरिट सूची बनाई जाएगी।
- संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। सभी नियमित नियुक्तियाँ मध्यप्रदेश शासन के नियमानुसार श्रेणीवार आरक्षण व्यवस्था के तहत की जाएँगी।
- नियमित पद पर चयन होने के बाद अपने संविदा पद से इस्तीफा देना होगा। इसके लिए एक माह की अनिवार्य नोटिस अवधि के नियम को शिथिल किया गया है।
- दो अनुबंधों (Contracts) के बीच का अंतराल सेवा में व्यवधान (Break in Service) नहीं माना जाएगा। अनुबंधों के बीच का अंतराल अनुभव (Experience) की अवधि में शामिल नहीं किया जाएगा।










