छतरपुर के कैंडी गांव में स्थित अजयपार धाम में चढ़ावे को लेकर बाबा और उनके सेवादारों के बीच विवाद होने का मामला सामने आया है। दरअसल धाम की दान पेटी से 25000 रुपए गायब होने के विवाद के बीच कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।
जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें चढ़ावे की राशि को लेकर बहसबाजी देखने को मिल रही थी। अब वीडियो वायरल होने के बाद अजयपार धाम के संचालक करण कुशवाह उर्फ भगत जी का बयान सामने आया है। उन्होंने गबन के आरोपों से इनकार किया है।
अजयपार धाम संचालक का क्या कहना
इस मामले में भगत जी का कहना है कि उनका कहना है कि साधना यात्रा के दौरान 15 हजार रुपए पेट्रोल और अन्य चीजों में खर्च हुए हैं। वहीं रुपए उनके सेवादारों के भोजन, रहने और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए गए हैं।
वायरल वीडियो को भगत जी ने भ्रम फैलाने की कोशिश बताया। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि वीडियो में जो बातचीत हो रही है वह सही है लेकिन उसे आधी अधूरी जानकारी के साथ पेश किया जा रहा है। वो ये कहते दिखाई दिए कि मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
धाम में लगता है दरबार
बता दें कि कैंडी गांव में अजयपार धाम में भगत जी रोजाना दरबार लगाते हैं। बागेश्वर धाम की तर्ज पर लगने वाले इस धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां विविध बीमारियों और समस्याओं का समाधान होने का दावा किया जाता है। अब दानपेटी राशि को लेकर सामने आए की वजह से धाम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहा है।
छतरपुर से सुबोध त्रिपाठी की रिपोर्ट।






