
भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने पिछले 71 वर्षों में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। कभी बीमारू राज्यों में गिना जाने वाला मध्यप्रदेश आज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संभालने के साथ उद्योग, कृषि और पर्यटन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थापना दिवस पर दिए अपने संदेश में कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं है। यहां की संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिक परंपराएं प्रदेश को विशेष बनाती हैं। उन्होंने कहा कि बीमारू राज्य से विकासशील मध्यप्रदेश बनने तक का सफर आसान नहीं रहा। इस दौरान प्रदेश को अच्छे और बुरे दोनों तरह के अनुभव मिले, लेकिन अब बदलाव साफ दिखाई दे रहा है।
उद्योग, कृषि और पर्यटन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों का विकास तेजी से हो रहा है और इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि विकास दर में बढ़ोतरी और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से भी मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उनके मुताबिक, इन क्षेत्रों में हो रहे बदलाव प्रदेश को विकास के नए अवसर दे रहे हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की गौरवशाली विरासत और विकास की नई उड़ान अब प्रदेश की नई पहचान बन रही है। सरकार का लक्ष्य ऐसा मध्यप्रदेश बनाना है, जो अपनी विरासत को आगे बढ़ाते हुए विकास के मामले में देश और दुनिया के सामने उदाहरण पेश कर सके।
नए मध्यप्रदेश के निर्माण में जनता से मांगा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का विकास केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनता के सहयोग और सभी के मिलकर काम करने से संभव होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे मध्यप्रदेश को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के साझा प्रयासों और मेहनत से एक नया मध्यप्रदेश बनाया जा सकता है। स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

