मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) यानी समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम प्रदेश और देश दोनों के लिए प्रगति का महत्वपूर्ण आधार साबित होगा।
उन्होंने कहा कि “मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने मध्यप्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी आरंभ की है। भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपने दौरे के दौरान कई राज्यों में स्पष्ट रूप से कहा है कि इस कानून को लागू करना चाहिए।”
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मध्यप्रदेश में जल्द लाया जा सकता है समान नागरिक संहिता विधेयक
एमपी में समान नागरिक संहिता को लेकर सरकारी स्तर पर गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि जिन राज्यों में UCC लागू हो चुका है, उनके मॉडल का विस्तृत अध्ययन किया जाए ताकि प्रदेश में लागू करने की संभावनाओं का आकलन किया जा सके। इन निर्देशों के बाद राज्य के गृह विभाग ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, यूसीसी से जुड़े कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा के लिए राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की तैयारी चल रही है। यह समिति विभिन्न राज्यों के अनुभवों का विश्लेषण कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है। चर्चाओं के अनुसार, यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं तो आगामी कुछ महीनों में मध्यप्रदेश में इससे संबंधित विधेयक लाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
रामेश्वर शर्मा ने की जल्द लागू करने मांग
इसे लेकर भोपाल बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को साधुवाद दिया है। उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह भी अपने विभिन्न दौरों के दौरान कई राज्यों में इस कानून को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दे चुके हैं। बीजेपी नेता ने जनसंख्या वृद्धि को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि देश में बढ़ती आबादी एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि UCC लागू होने से इस तरह की समस्याओं से निपटने में मदद मिल सकती है। उन्होंने जोर दिया कि जब देश में सभी को समान शिक्षा, समान रोजगार और योजनाओं का समान लाभ चाहिए तो सबके लिए समान कानून भी होना चाहिए। बीजेपी विधायक ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल्द से जल्द ये बिल लाया जाना चाहिए क्योंकि ये प्रदेश और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।