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गेहूं उपार्जन: मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से रहेगी नजर, किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी सीएम डॉ मोहन यादव ने दिए ये निर्देश

Written by:Atul Saxena
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पिछले वर्ष राज्य सरकार ने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया था। लेकिन इस वर्ष वैश्विक हालात के बावजूद सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
गेहूं उपार्जन: मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से रहेगी नजर, किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी सीएम डॉ मोहन यादव ने दिए ये निर्देश

MP wheat procurement

मध्य प्रदेश में कल यानि गुरुवार 9 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू हो जाएगी,  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की तारीख में फिर संशोधन कर एक दिन कम करते हुए 10 अप्रैल की जगह 9 अप्रैल किया गया है। अब इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जाएगी, शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं उपार्जन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं खरीदी के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, उन्होंने प्रदेश के कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ध्यान रहे गेहूं लेकर आने वाले किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सीएम ने कहा किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान सहित अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष रूप से वरिष्ठ अधिकारी ध्यान दें।

डॉ मोहन यादव ने कहा प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने सामाजिक और सेवाभावी संस्थाओं से उपार्जन जैसी महत्वपूर्ण और व्यापक गतिविधि में सहयोग करने की अपील भी की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है इसके लिए किसान को परेशान होने की जरुरत नहीं है  उन्होंने कहा किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलवाना हमारी प्रतिबद्धता है। हम जनता की सेवा करना चाहते हैं, मुख्यमंत्री ने दोहराया कि हमने 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किसान से किया है और हम इसे पूरा भी करेंगे।

सीएम हाउस में कंट्रोल रूम, व्यवस्थाओं पर रहेगी नजर 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों की मदद के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किये जा रहे हैं, जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। डॉ यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी।

3627 उपार्जन केंद्रों पर होगी गेहूं खरीदी 

बता दें गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। गेहूं की MSP केंद्र सरकार द्वारा 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है और इसपर मध्य प्रदेश सरकार 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है यानि प्रदेश सरकार किसानों से 2625 रुपये MSP पर गेहूं खरीदेगी। खरीदी केंद्र सुबह 8 से रात 8 बजे तक खुले रहेंगे।

19 लाख 4 हजार किसानों ने कराया है पंजीयन

प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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