मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने को लेकर बढ़ते विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है और कांग्रेस उनकी आवाज को सड़क से लेकर विधानसभा तक मजबूती से उठाएगी।
उन्होंने कहा कि कई साल तक शिक्षण कार्य कर चुके शिक्षकों से दोबारा परीक्षा लेना न सिर्फ अनुचित है, बल्कि इससे उनके सम्मान और नौकरी की स्थिरता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की नीतियों में शिक्षकों, किसानों और युवाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है जिसके चलते प्रदेश में असंतोष बढ़ रहा है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में शिक्षक संघ ने की आंदोलन की घोषणा
मध्यप्रदेश के अनुभवी शिक्षकों पर 25-30 साल की सेवा के बाद दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य करने के फैसले के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। इस मुद्दे पर शिक्षकों के बीच गहरा असंतोष व्याप्त है और वे इस फैसले के खिलाफ एकजुट हो चुके हैं। अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने एक बैठक में शिक्षकों ने साफ किया कि यह सिर्फ परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके सम्मान और अधिकारों से जुड़ा विषय है।
बैठक में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति भी बनाई गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार 8 अप्रैल को जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा, 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर आंदोलन होगा जबकि 18 अप्रैल को प्रदेश स्तर पर महा आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है। इन आंदोलनों के माध्यम से सरकार और प्रशासन तक अपनी मांगें पहुंचाने की तैयारी की गई है।
उमंग सिंघार ने कहा विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा
कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी को घेरते हुए कहा है कि “मध्यप्रदेश में लाखों शिक्षक अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। 25-30 साल सेवा दे चुके शिक्षकों से दोबारा परीक्षा लेना और प्रदर्शन के नाम पर अस्थिरता पैदा करना सरासर अन्याय है। यह निर्णय शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा के खिलाफ है।” उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीतियां लगातार शिक्षकों, किसानों और युवाओं के हितों की अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी शिक्षकों के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि शिक्षकों की आवाज को हम सड़क से लेकर विधानसभा सदन तक बुलंद करेंगे और सरकार से इस अन्यायपूर्ण फैसले का हर स्तर पर विरोध करेंगे।






