मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए काम की खबर है। सामान्य प्रशासन विभाग के बाद अब कोष एवं लेखा विभाग ने कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेशन टेस्ट (CPCT) के संबंध में एक आदेश जारी किया है। इसमें कर्मचारियों को CPCT से किसी भी प्रकार की छूट से इनकार किया गया है।
आदेश के अनुसार, राज्य में 40 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को भी CPCT परीक्षा से छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है। विभाग ने इस संबंध में जारी हुए पिछले सभी त्रुटिपूर्ण आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अब उन्हें तीन महीने में सीपीसीटी पास करना अनिवार्य होगा। साथ में नियमानुसार कर्मचारियों का वेतन भी काटा जाएगा।
40 साल से अधिक की उम्र के कर्मचारियों को भी छूट नहीं
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के 26 मई 2026 के ज्ञापन के आधार पर आयुक्त, कोष एवं लेखा ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों, कोषालय अधिकारियों और लेखा प्रशिक्षण शालाओं के प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 40 वर्ष की आयु पूरी होने पर केवल हिंदी टाइपिंग परीक्षा से छूट का प्रावधान है, जो सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के वर्ष 1984 और 1992 के परिपत्रों के तहत लागू है। जबकि CPCT एक अलग और अनिवार्य योग्यता है, जिसमें उम्र के आधार पर किसी भी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है।
जिन कर्मचारियों को 40 वर्ष की आयु के आधार पर CPCT से छूट देकर उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त या नियमितीकरण किया गया है, उनके आदेश रद्द किए जाएंगे। परिवीक्षा अवधि समाप्त होने के कारण उन्हें अब तक मिलीं सभी वेतन वृद्धियां भी रद्द कर दी गई हैं। इन कर्मचारियों का मूल वेतन अब उनके वेतनमान के न्यूनतम स्तर पर तय किया जाएगा। उदाहरण के लिए, सहायक ग्रेड-3 के पद पर तैनात ऐसे कर्मचारियों का मूल वेतन घटाकर न्यूनतम ₹19,500 कर दिया जाएगा।
CPCT परीक्षा पास करने के लिए 3 महीने का समय
यदि किसी कर्मचारी को अधिक वेतन का भुगतान हुआ है तो वित्त विभाग के 12 जून 2026 के निर्देशों के अनुसार उसकी वसूली भी की जाएगी। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए कर्मचारियों को CPCT परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए केवल 3 महीने का समय दिया है। इस अवधि के भीतर उन्हें परीक्षा पास कर अपना प्रमाणपत्र कार्यालय में जमा करना होगा।
अधिकारियों को दिए ये निर्देश
सभी कार्यालयों से मांगी तत्काल जानकारी मुख्यालय ने अधीनस्थ सभी कार्यालयों से ऐसे मामलों की पूरी जानकारी तुरंत मांगी है। इसमें कर्मचारी का नाम, पदनाम, नियुक्ति की तारीख, परिवीक्षा अवधि समाप्त करने वाले आदेश का नंबर, तारीख और आदेश देने वाले अधिकारी का नाम शामिल है।
आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी की भर्ती, परिवीक्षा अवधि समाप्त करने या नियमितीकरण के समय CPCT जैसी सभी अनिवार्य योग्यताओं की जांच कड़ाई से की जाए। यदि इन निर्देशों का उल्लंघन होता है या किसी भी स्तर पर ढिलाई पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।






