मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार, 29 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के विकास और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी गई। इसके अलावा कैबिनेट बैठक में लगभग 24500 करोड़ के विभिन्र प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है। बैठक में सरकारी स्कूल के 58 लाख छात्रों की स्कूल ड्रेस की राशि पर भी अहम फैसला लिया गया।

मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप द्वारा कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट जारी कर दिया गया है और इस पर आम नागरिकों के सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने अभियान चलाकर 900 से अधिक लंबित अनुकंपा नियुक्तियों की प्रक्रिया पूर्ण कर दी है। अन्य विभागों को भी अनुकंपा नियुक्तियां जल्दी से जल्दी करने के लिए निर्देशित किया गया है।

मोहन कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले 

  •  कैबिनेट बैठक में वर्दीधारी कर्मचारियों की भर्ती वाले पांच विभागों में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया गया है। इन विभागों में वन विभाग के आरक्षक, गृह विभाग के सामान्य आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी और आबकारी विभाग के आरक्षक शामिल हैं। अब तक पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण का प्रावधान था।  सरकार का मानना है कि अग्निवीरों को आरक्षण देने से सेना से सेवा पूरी करने के बाद युवाओं के लिए प्रदेश में रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
  • सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 58 लाख छात्रों (कक्षा 1 से 8वीं तक) को अब स्कूल ड्रेस की जगह DBT के जरिए सीधे उनके खातों में राशि भेजी जाएगी। इसके तहत प्रत्येक छात्र को 600 रुपए मिलेंगे। मप्र सरकार 600 रुपये ड्रेस के हिसाब से कुल 348 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी।
  • कैबिनेट बैठक में दमोह में नए मार्ग को मंजूरी दी गई है।  इसके तहत दमोह-कटनी के बीच 105.01 किमी लंबे फोरलेन मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 4,400 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ये सागर-दमोह-कटनी कॉरिडोर का हिस्सा है। इससे बुंदेलखंड और महाकौशल की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
  • सिंगरौली में 125 बेड के नए अस्पताल के निर्माण के लिए 342 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के रिवाइज्ड एस्टिमेट को भी मंजूरी दी गई।
  • न्यायालय भवनों के निर्माण के लिए केंद्र से मिलने वाली राशि के तहत 600 करोड़ रुपये स्वीकृति दी गई।
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए अगले पांच वर्षों में 3,113 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई।
  • विमुक्त, घुमंतू और अर्धविमुक्त विभाग के अंतर्गत चल रहे छात्रावासों, कल्याण आश्रम और अन्य संस्थानों को 1 रुपये प्रति किलो की दर से अनाज दिया जाएगा। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रावासों की तर्ज पर यह व्यवस्था लागू की गई है। वर्तमान में इन संस्थानों को 12 किलो अनाज 5 रुपये प्रति किलो की दर से मिलता है।
  • सिंचाई विभाग की 4 बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई है। मां रतनगढ़-दतिया सिंचाई परियोजना के लिए 1,608 करोड़ की स्वीकृति दी गई है । इससे 78 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई की सुविधा मिलेगी। रामपुर मानव परियोजना के लिए 524 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।