मध्यप्रदेश में आयुर्वेद की पढ़ाई का दायरा बढ़ने वाला है। प्रदेश में 9 नए आयुर्वेद कॉलेज खोलने की तैयारी है। इसी बीच स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे AYUSH इंटर्न डॉक्टरों को भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल्द खुशखबरी मिलने का संकेत दिया है। सीएम ने बताया कि इस मुद्दे पर आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार से बात हो चुकी है और जरूरी निर्देश भी दिए गए हैं।
सीएम डॉ. मोहन यादव बुधवार को भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने आयुर्वेद को बीमारी होने के बाद इलाज की पद्धति भर मानने के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने की बात कही। उनका कहना था कि खान-पान, विचार और व्यवहार में संतुलन रखकर बीमारियों से बचने पर आयुर्वेद का जोर है।
सीएम बोले योग और आयुर्वेद को दिनचर्या का हिस्सा, स्वस्थ रहें
उन्होंने सवाल भी किया कि बीमारी होने के बाद ही इलाज क्यों तलाशा जाए? योग और आयुर्वेद को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर शरीर को पहले से स्वस्थ रखने की कोशिश होनी चाहिए। सीएम ने भारतीय रसोई और उसमें इस्तेमाल होने वाले मसालों का जिक्र करते हुए कहा कि आयुर्वेद सदियों से भारतीय जीवन का हिस्सा रहा है।
डिंडोरी को मिला 102 करोड़ रुपये का आयुर्वेद कॉलेज
आयुर्वेद की पढ़ाई बढ़ाने के साथ प्रदेश में इससे जुड़ी नई सुविधाएं भी जोड़ी जा रही हैं। डिंडोरी में 102 करोड़ रुपये से तैयार आयुर्वेद कॉलेज की शुरुआत की गई है। वहीं प्रदेश में AYUSH से जुड़े भवनों, अस्पतालों और कॉलेजों के 25 कामों पर 184 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। इनमें 12 भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 13 नए काम शुरू किए गए हैं।
भोपाल के आयुर्वेद कॉलेज परिसर में छह एकड़ का हर्बल गार्डन भी तैयार किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 AYUSH Health and Wellness Centres बनाए जा रहे हैं। AYUSH Wellness Tourism Centres का नाम अब ‘AYUSH आरोग्यम धाम’ होगा।
प्रदेश में फिलहाल 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 AYUSH विंग चल रहे हैं। आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार के मुताबिक 9 AYUSH कॉलेज अभी चल रहे हैं और 8 नए आयुर्वेद कॉलेज निर्माणाधीन हैं।
सभी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
मध्यप्रदेश में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में 9 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की शुरुआत हुई है। साथ ही, पर्यटन क्षेत्रों में वेलनेस सेंटर्स को विकसित किया जा रहा है।
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— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) September 23, 2026






