Fri, Jan 9, 2026

MP News : भागीरथपुरा की घटना के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी होगी पेयजल व्यवस्था की जाँच, प्रह्लाद पटेल ने दिए निर्देश

Written by:Atul Saxena
Published:
मंत्री प्रह्लाद पटेल ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि 15 फरवरी तक जल स्रोतों की सैंपलिंग कर जांच कराई जाए तथा पुनः अप्रैल माह में अनिवार्य रूप से जल गुणवत्ता की समीक्षा की जाए।
MP News : भागीरथपुरा की घटना के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी होगी पेयजल व्यवस्था की जाँच, प्रह्लाद पटेल ने दिए निर्देश

Minister Prahlad Patel meeting

इंदौर के भागीरथपुरा की घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मामले में अतिरिक्त सतर्कता रखने के निर्देश दिए हैं, उन्होंने प्रदेश इमं कहीं भी इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने के निर्देश दिए हैं, इसी क्रम में पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने विभागीय राज्यमंत्री राधा सिंह एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की  समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्पूर्ण प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता जाँच का अभियान चलायें।

कैबिनेट मंत्री पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह अभियान 15 फ़रवरी तक पूर्ण होना चाहिए। बैठक में मंत्री पटेल ने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पहुँचे। योजनाओं का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

समीक्षा बैठक में मंत्री ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (जी राम जी) के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि भारत सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं कार्यात्मक तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएँ, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर सुदृढ़ हो सकें।

प्रतिमाह अनिवार्य रूप से फील्ड विजिट के निर्देश 

मंत्री प्रह्लाद पटेल ने अधिकारियों को प्रतिमाह अनिवार्य रूप से फील्ड विजिट कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे जिलों में किए जा रहे अच्छे नवाचारों को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जल स्रोतों की सैंपलिंग कर जांच कराने के निर्देश 

मंत्री ने जिलों के कार्य निष्पादन के आधार पर मासिक ग्रेडिंग प्रणाली लागू कर ग्रेडिंग सूची जारी करने के निर्देश भी दिए, जिससे अधिकारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो और कार्य निष्पादन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि 15 फरवरी तक जल स्रोतों की सैंपलिंग कर जांच कराई जाए तथा पुनः अप्रैल माह में अनिवार्य रूप से जल गुणवत्ता की समीक्षा की जाए। बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना अनिवार्य है और इसके लिए तकनीकी अमले द्वारा सतत निगरानी रखी जाए।