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कार्य में लापरवाही पर मंत्री की बड़ी कार्रवाई, AE को हटाया, अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश

Written by:Kashish Trivedi
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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (MP) में कार्य को समय सीमा के अंदर पूरा नहीं करने और कार्य में लापरवाही (Negligence) बरतने के मामले में अब मंत्री द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। दरअसल मंत्री भूपेंद्र सिंह (Bhupendra singh) के निर्देश पर कलेक्टर (Collector) द्वारा संविदा (Contract) पर तैनाती को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। वही मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्य की प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी के समस्त प्रोजेक्ट के कार्यों की समीक्षा मैं व्यक्तिगत रूप से करूँगा। कार्यों की प्रगति के फोटो एवं वीडियो प्रतिदिन मेरे व्हाट्सएप नंबर पर भेजें। साथ ही काम के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कार्यों की प्रगति नहीं होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सभी निर्माण कार्य समय-सीमा और गुणवत्तापूर्ण हो। यह भी सुनिश्चित किया जाए। समस्त कार्यों के लिए आवश्यक स्वीकृतियाँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंत्री भूपेंद्र सिंह ने लाखा बंजारा झील कायाकल्प परियोजना के एक-एक काम की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी काम में कोई दिक्कत आ रही हो, तो मुझे बताये। मैं समस्या दूर करूँगा, लेकिन काम में देरी नहीं होना चाहिए।

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मंत्री ने कहा कि टेपिंग का काम इसी माह पूरा करें। इसके बाद 15 जनवरी तक वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी शुरू कर दें। स्मार्ट रोड परियोजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सिविल लाईन में पाइप लाईन बदले जाने से देरी हो रही है, इसके लिए मैं स्वयं एमपीयूडीसी से बात करूँगा।

मंत्री ने संजय ड्राइव सड़क निर्माण में देरी पर नाराजगी जाहिर की और संविदा पर तैनात एई को हटाने के निर्देश कलेक्टर दीपक आर्य को दिए। उन्होंने सिटी स्टेडियम का काम अगस्त और खेल परिसर का काम मई माह तक पूरा करने के निर्देश दिए। स्मार्ट सिटी के सीईओ राहुल सिंह राजपूत के मुताबिक सागर में स्मार्ट सिटी के माध्यम से 940 करोड़ रुपए की परियोजनाओं में निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसमें 100 करोड़ रुपए के 15 कार्य पूर्णता की स्थिति में हैं।

सीईओ ने बताया कि इसी प्रकार 450 करोड़ रुपए के कार्य चल रहे हैं एवं 200 करोड़ रुपए के कार्य निविदा स्तर पर हैं। साथ ही 100 करोड़ रुपए के कार्य डीपीआर स्तर पर लंबित हैं। विश्वविद्यालय रोड और कामकाजी महिला छात्रावास का काम लगभग पूरा होने वाला है। एलिवेटेड कॉरिडोर का काम तेज गति से चल रहा है।

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