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MP फार्मेसी काउंसिल के निर्देश, मेडिकल स्टोर पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट ही दे सकते हैं दवा, उल्लंघन पर जाना पड़ सकता है जेल

Written by:Atul Saxena
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मप्र फार्मेसी काउंसिल ने कहा है कि अत्यंत विषम परिस्थितियों में फार्मेसी एक्ट 1948 के प्रावधानों के तहत काउंसिल  द्वारा संबंधित फार्मासिस्ट के रजिस्ट्रेशन को निरस्त भी किया जा सकता है।
MP फार्मेसी काउंसिल के निर्देश, मेडिकल स्टोर पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट ही दे सकते हैं दवा, उल्लंघन पर जाना पड़ सकता है जेल

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीला कफ सिरप कोल्ड्रिफ पीने से हुई बच्चों की मौत ने प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, 20 बच्चों की मौत ने सरकार को हिला दिया है। अभी भी 9 बच्चे किडनी संक्रमण से जूझ रहे हैं उनका नागपुर के अस्पतालों में इलाज चला रहा है। कार्यशैली में खामियां और लापरवाही उजागर होने और किरकिरी होने के बाद अब एमपी फार्मेसी काउंसिल ने मेडिकल स्टोर्स के लिए बनाये नियमों और निर्देशों को एक बार फिर जारी किया है।

कफ सिरप मामले के बाद दवाइयों के निर्माण से लेकर उनकी जाँच और मेडिकल स्टोर से उनकी बिक्री के लिए नियम बनाने वाली एजेंसियां मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर एक्शन मोड में हैं, सरकार के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल ने मेडिकल स्टोर्स पर दवाइयों की बिक्री के लिए बनाए गए नियमों और निर्देशों को एक बार फिर जारी किया है।

एमपी फार्मेसी काउंसिल के निर्देश

फार्मेसी काउंसिल ने मध्य प्रदेश के चिकित्सालयों/फार्मेसी/मेडिकल स्टोर के संचालक/फार्मासिस्ट के नाम नोटिस जारी करते हुए कहा है कि फार्मेसी अधिनियम 1948 की धारा 42 में विहित प्रावधान अनुसार मेडिकल प्रेक्टिशनर के प्रिस्क्रिप्शन पर केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट (Registered Pharmacist) द्वारा ही दवाइयां बेचीं जा सकती हैं। किसी गैर पंजीकृत व्यक्ति के द्वारा दवाइयों का वितरण करने, बेचना पाए जाने पर संबंधितों पर फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत कानूनी कार्यवाही की जायेगी ।

कानून में उल्लंघन पर 3 महीने की सजा और जुर्माने का प्रावधान 

मप्र फार्मेसी काउंसिल ने कहा है कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली के 2023 में जारी  निर्देशों और  कानून व न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग) द्वारा 2023 में जारी राजपत्र में प्रकाशित  Jan vishwas (Amendment of Provisions) Act 2023 में दिए गए फार्मसी एक्ट 1948 की धारा 42 वी दंड प्रावधान में संशोधन करके गैर पंजीकृत फार्मासिस्ट के द्वारा दया डिस्पेसिंग करते पाए जाने पर 3 माह तक की राजा अथवा दो लाख रुपये का जुर्माना अथवा दोनों एक साथ होने का प्रावधान है।

कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी का डायरेक्टर गिरफ्तार  

बता दें कि छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से 20 बच्चों की जान चली गई है, पुलिस ने जहरीला कोल्ड्रिफ सिरप लिखने वाले डॉ प्रवीण सोनी और काफ सिरप बनाने अली तमिलनाडु की कंपनी श्रीसन फार्मा पर मामला दर्ज किया है, पुलिस एन डॉ सोनी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था और आज मामले की जाँच कर रही एसआईटी ने तमिलनाडु से कंपनी के डायरेक्टर रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया है।

 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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