नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक और दलित राजनीति के पुरोधा माने जाने वाले मान्यवर कांशीराम की जयंती पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें भारत रत्न देने की मांग उठाई है। रविवार को देशभर में कांशीराम को श्रद्धांजलि दी जा रही है, इसी क्रम में राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री से यह अपील की।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कांशीराम को सामाजिक न्याय का महान योद्धा बताया। उन्होंने लिखा कि यह सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान सिर्फ कांशीराम जी को ही नहीं, बल्कि उस पूरे आंदोलन को सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिसने करोड़ों बहुजनों को हक और आत्मसम्मान की राह दिखाई।
लखनऊ में भी किया याद
इससे पहले शुक्रवार को ही राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस द्वारा आयोजित कांशीराम जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। वहां उन्होंने कांशीराम के संघर्ष और उनके दृष्टिकोण को याद करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “आज हम कांशीराम जी को याद करते हैं। उनका जो संघर्ष था, उनका जो विजन था, उनका जो हिंदुस्तान की राजनीति पर इफेक्ट था, उसको हम याद करते हैं और दिल से उनका धन्यवाद करते हैं।”
“भारत सरकार से सामाजिक न्याय के महान योद्धा और बहुजन चेतना के दिशा निर्देश मान्यवर कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करता हूं।”- राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद
लखनऊ में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को 100 समर्पित कार्यकर्ता मिल जाएं तो पार्टी के लिए उतना ही काफी होगा। उन्होंने अंबेडकर और गांधी के संविधान को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
कौन थे कांशीराम?
कांशीराम को भारत में दलित और बहुजन राजनीति को एक नई दिशा देने वाले प्रमुख नेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाते हुए दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को एकजुट कर ‘बहुजन’ की अवधारणा को राजनीतिक शक्ति में बदला। उनका मानना था कि देश की 85 प्रतिशत आबादी (बहुजन) को सत्ता में उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (BSP) की स्थापना की थी।
भारत सरकार से सामाजिक न्याय के महान योद्धा और बहुजन चेतना के मार्गदर्शक मान्यवर कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करता हूं।
यह सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान कांशीराम जी के साथ उस पूरे आंदोलन को श्रद्धांजलि होगी जिसने करोड़ों बहुजनों को हक़, हिस्सेदारी और आत्मसम्मान… pic.twitter.com/XF9MGjcj4J
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 15, 2026






