उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और गैस एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारों को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार युवाओं को नौकरी और रोजगार देने में विफल रही, वही सरकार अब लोगों को रसोई गैस भी मुहैया नहीं करा पा रही है।
सपा प्रमुख ने एलपीजी की कमी पर पत्रकारों के सवालों का जवाब अपने खास अंदाज में दिया। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने अब एलपीजी का एक नया नामकरण कर दिया है।
“उत्तर प्रदेश के लोगों ने तो एलपीजी का नया नाम निकाला है- ‘लापता गैस’। ये लिक्विड पेट्रोलियम गैस नहीं ‘लापता गैस’ है।” — अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
‘जो नौकरी नहीं दे पाए, वो LPG क्या देंगे’
अखिलेश यादव ने गैस की कमी को सरकार की व्यापक विफलताओं से जोड़ते हुए कहा, “आज का जमाना क्या है कि लोग नौकरी चाहते हैं, रोज़गार चाहते हैं। जो लोग काम नहीं कर पाए, जो नौकरी नहीं दे पाए, रोज़गार नहीं दे पाए, वो आज एलपीजी नहीं दे पा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि यह समस्या सिर्फ गैस तक सीमित नहीं है। डीजल-पेट्रोल के साथ-साथ अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी लगातार आसमान छू रही हैं, जिससे आम जनता पर महंगाई की दोहरी मार पड़ रही है।
सरकार और विपक्ष के अपने-अपने दावे
यह मुद्दा अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। एक तरफ केंद्र सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों के कारण लोग घबराहट में खरीदारी कर रहे हैं, जिससे कृत्रिम कमी दिख रही है।
वहीं, सपा समेत अन्य विपक्षी दलों का तर्क है कि अगर गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की इतनी लंबी भीड़ क्यों लग रही है? विपक्ष का सवाल है कि लोगों को समय पर सिलेंडर क्यों नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव ने इस दौरान विश्वगुरु बनने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्वगुरु बनने का मौका खो दिया, क्योंकि सही समय पर सही कदम नहीं उठाए गए।






