बस्ती: सोशल मीडिया पर भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति एक बार फिर प्रभावी दिखी है। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक वरिष्ठ सहायक का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया है। यह मामला विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का है, जहां तैनात वरिष्ठ सहायक प्रदीप श्रीवास्तव पर एक सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी से उसके देयकों के भुगतान के बदले घूस मांगने का आरोप है।
मामले ने तूल तब पकड़ा जब रिश्वतखोरी का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल गया और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तक पहुंचा। डिप्टी सीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी बाबू को निलंबित कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम के पद पर कार्यरत सुनीता कुछ समय पहले सेवानिवृत्त हुई थीं। उनके रिटायरमेंट के बाद एरियर समेत अन्य देयकों का भुगतान लंबित था। सुनीता का आरोप है कि इन भुगतानों को करने के एवज में वरिष्ठ सहायक प्रदीप श्रीवास्तव ने उनसे 45,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
लगातार परेशान किए जाने के बाद, एएनएम सुनीता ने अपने भाई के साथ मिलकर आरोपी बाबू को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। उन्होंने घूस की रकम देते समय पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल कर दिया गया, जो देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया।
डिप्टी सीएम के संज्ञान लेते ही हुई बड़ी कार्रवाई
वायरल वीडियो जैसे ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
डिप्टी सीएम के आदेश पर निदेशक (प्रशासन) अलका वर्मा ने तत्काल प्रभाव से आरोपी वरिष्ठ सहायक प्रदीप श्रीवास्तव को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन के साथ ही आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच की जिम्मेदारी चित्रकूट धाम बांदा मंडल के अपर निदेशक को सौंपी गई है। इस त्वरित कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।





