पटना: बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। 5 सीटों के लिए 6 उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इस बीच, चुनाव से ठीक दो दिन पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शनिवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी उम्मीदवारों की भारी बहुमत से जीत का दावा किया है।
यह बयान उन्होंने पटना में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर उनसे मुलाकात के बाद दिया। झा ने पत्रकारों से बातचीत में विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए NDA की जीत को लेकर पूरा विश्वास जताया।
रणनीति बनाने में जुटा NDA
राज्यसभा चुनाव में किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए NDA के सहयोगी दल पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। मतदान से पहले की रणनीति पर चर्चा करने और विधायकों को एकजुट रखने के लिए बैठकों का दौर जारी है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य इकाई की कोर कमेटी की बैठक पटना स्थित पार्टी कार्यालय में हुई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाए गए केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। इसी तरह, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा-रामविलास) और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने भी अपने-अपने विधायकों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।
“हमें नहीं पता कि विपक्षी नेता बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर क्या दावा कर रहे हैं। मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि राज्यसभा चुनाव में राजग के सभी उम्मीदवार भारी अंतर से जीत हासिल करेंगे।”- संजय कुमार झा, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, JDU
कौन-कौन हैं मैदान में?
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में कुल छह उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सत्ताधारी NDA की ओर से पांच प्रत्याशी हैं, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं। वहीं, विपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के व्यवसायी से राजनेता बने अमरेंद्र धारी सिंह एकमात्र उम्मीदवार हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी NDA के उम्मीदवारों में शामिल हैं, जो उच्च सदन में लगातार दूसरी बार चुने जाने का प्रयास कर रहे हैं।
विधायकों को मतदान का प्रशिक्षण
बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक के बाद मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि यह बैठक मुख्य रूप से राज्यसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया के बारे में नवनिर्वाचित पार्टी विधायकों को जानकारी देने और उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए बुलाई गई थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान के दौरान कोई गलती न हो और सभी वोट सही तरीके से डाले जाएं।






